रिपोर्ट:एस के श्रीवास्तव विकास

*वाराणसी/-उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में एक ताजा मामला राजातालाब थाना से सामने आया है, जहां कवरेज करने गए वरिष्ठ पत्रकार शुभम् शर्मा को थाने के मुंशी राहुल नामक शिपाही ने धमकी दी। पत्रकार के मुताबिक, कमिश्नर साहब के आदेसानूसार शराब ठीका पर अभियान चलाये जा रहे थे जिसमें कुछ शराबी को पकड़ कर थाने लाया गया जिसकी जानकारी लेने गए कुछ पत्रकार साथी थाना परिसर में जाता हैं तो उन्हें कहा

जाता हैं एक सिपाही द्वारा “अगर तुम दोबारा थाना परिसर में आए तो गोली मार दूंगा घटना के बाद पत्रकार शुभम् शर्मा ने इस दुर्व्यवहार की जानकारी अपने संगठन राष्ट्रिय अध्यक्ष व उच्च पदाधिकारियों को दी। इस गंभीर मामले को लेकर नेशनल मीडिया हेल्पलाइन संगठन ने तत्काल बैठक बुलाई और निर्णय लिया कि पुलिस कमिश्नर व आईजी और डी ई जी से शिकायत की जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाए। इसके बाद, भारी संख्या में अलग अलग सभी संगठन के साथियों के सदस्य और साथी पीड़ित पत्रकार से मिले और साथ ही, यह भी कहा गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, राहुल को राजातालाब थाना से हटाया जाए।

पत्रकार साथियो में हुई बैठक में पत्रकार शुभम् शर्मा ने *घटना के बारे में विस्तार से बताया और न्याय की गुहार लगाई। नेशनेल मीडिया हेल्पलाइन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी से मिलने का निर्णय लिया। नेशनल मीडिया हेल्पलाइन के अध्यक्ष विकाश श्रीवास्तव व राष्ट्रीय पत्रकार एसोशिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र उपाध्याय समेत अन्य पदाधिकारियों ने एसीपी से मिलकर पूरी घटना की जानकारी देने की मांग की और कहा कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर पुलिस अधिकारी इस तरह के व्यवहार को जारी रखते हैं, तो पत्रकारों को विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा यह सच है कि जब तक पत्रकार सवाल नहीं पूछेगा, तब तक वह खबर नहीं लिखेगा।

पत्रकार का काम है फील्ड में जाकर सवाल पूछना और खबरें निकालना। इसमें किसी को व्यक्तिगत रूप से लेने की आवश्यकता नहीं है।” राजातालाब एसीपी ने कहा हालांकि, उन्होंने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। शुभम् शर्मा ने बताया आपबीती घटनाएं जिस तरह से मुझसे बदतमीजी की और धमकी दी, वह बेहद शर्मनाक है। यह केवल एक पत्रकार का अपमान नहीं, बल्कि पूरे पत्रकारिता जगत की स्वतंत्रता को चुनौती देने वाली बात है। मुझे उम्मीद है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी नेशनल मीडिया हेल्पलाइन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय पत्रकार एसोशिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र उपाध्याय ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि यदि भविष्य में किसी पुलिस अधिकारी का व्यवहार इस प्रकार का होता है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाए। प्रेस के* साथियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उनके किसी सदस्य का नाम किसी असंवैधानिक कार्य में सामने आता है, तो उसका भी जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर पत्रकारों के खिलाफ हो रहे दुर्व्यवहार की गंभीरता को उजागर करती है, और यह सवाल खड़ा करती है कि पत्रकारों को अपनी पेशेवर स्वतंत्रता के लिए कब तक संघर्ष करना होगा पत्रकारिता की गरिमा को चोट पहुंचाने वाले लोगो को अब बक्शा नहीं जाएगा।


