एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-सही प्रकार से लेखांकन होगा तो ग्राम संगठन सशक्त और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ सकेंगे।भविष्य में अपना खुद रौशन उक्त बातें उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) अंतर्गत चयनित ग्राम संगठन की लेखापाल दीदियों के सात दिवसीय मॉड्यूल-1 (वीओ बीके एम-1) विषयक आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर के प्रशिक्षण कक्ष प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि समूहों की बड़ी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से 05 से 20 समूहों को सम्मिलित कर ग्राम संगठन बनाया जाता है।ग्राम संगठनों में व्यवस्थित तरीके से लेखांकन की पुस्तकों तथा पुस्तक लिखने वाले सहयोगी प्रपत्रों का सही तरीके से लिखा जाना अनिवार्य होता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सात दिवसों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन सुरेश पाण्डेय व स्वेता भारती द्वारा प्रतिभागियों को ग्राम संगठन की अवधारणा एवं प्रबंधन,ग्राम संगठन में लेखपाल की भूमिका,लेखांकन का महत्व,आवश्यकता,पुस्तकों का महत्व,कार्यवाही पुस्तक,सहायक पुस्तकों,रसीद,बाउचर एवं रोकड़ बही तथा कार्यवाही पुस्तक में लिखने का अभ्यास कराया गया।इसी क्रम में सामान्य खाता बही,डीसीबी,ऋण पुस्तिका,स्टाक रजिस्टर,सम्पत्ति रजिस्टर आदि के बारे में बताया गया साथ ही साथ ग्राम संगठन की आदर्श बैठक कैसे करें का रोल प्ले कराकर अभ्यास कराया गया और ग्राम संगठन के प्रमुख कैडर लेखपाल,समूह सखी आदि के कार्य एवं दायित्व के बारे में विस्तार से बताया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद चन्दौली विकास खंड सकलडीहा से 12,धानापुर से 12,नियामताबाद से 11,चहनियाँ से 07 व शहाबगंज से 03 इस प्रकार कुल 45 ग्राम संगठन बुक कीपर दीदियों को प्रशिक्षित किया गया।इस अवसर पर सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,अनिता यादव,गीता देवी,नीलम देवी,नीतू देवी,हसीबुन,संध्या पाण्डेय,तमन्ना बेगम,चंद्रकला,पुष्पा देवी,सुप्रिया,अन्नू राय,सुनीता कुमारी,पूनम देवी,कविता देवी,इंद्रावती,गुजराती,सुशीला,रुकसाना,सीता,सरिता,उर्मिला,सुनीता,निशा देवी,शाहजहां,चंदा देवी,अमृता,संगीता,संतोषी,सुमित्रा,बबिता,अनिता शर्मा,अनिता देवी,पूनम यादव,दुर्गावती,रीना,सरोज,अंजू देवी,ज्योति देवी,संध्या,दीपा आदि की उपस्थिति रही।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम सत्र में सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर सत्र के समापन की घोषणा की गई।


