एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-हाईकोर्ट प्रयागराज (इलाहाबाद)व सिविल कोर्ट वाराणसी में भूमि विवाद का प्रकरण विचाराधीन होने के बाद भी पीड़ित के भूमि पर कब्जे की कोशिश करने का मामला प्रकाश में आया है,एसडीएम दरबार पहुँच पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार।प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसडीएम को दिए हुए शिकायती पत्र में राजनाथ पुत्र स्व वेचन राम जरिये पुत्र मनोज कुमार निवासी सजोई थाना जंसा ने बताया कि अपने आराजी नम्बर 1579 रकबा 0.672 हेक्टेयर तथा आराजी नम्बर 1661 रका 0.134 हेक्टेयर में माननीय सिविल कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित किया गया है

जो आज भी कायम व प्रभावी है जिसमे माननीय के कोर्ट में धारा-24 पैमाइश भी दाखिल किया गया है जिसमे राजस्व निरीक्षक द्वारा रकबे से कम का फिल्ड बुक बना दिया तथा विपक्षीगण से मिलकर उनका रकबा हमारे में बरामद दिखा दिया जबकि आराजी नम्बर 1579 तथा 1661 का रकबे के मुताबिक फिल्ड बुक कम बनाने के कारण माननीय उप जिलाधिकारी राजातालाब द्वारा पुनः आदेश दिया गया कि पुनः सीमांकन करके रिपोर्ट 15 दिन में कोर्ट में दिया जाय।जब कि पैमाइस बीते 11 नवम्बर 2025 को किया गया तथा फिल्डबुक अभी तक कोर्ट में पेश नहीं किया गया।वही पीड़ित ने एसडीएम से गुहार लगाया कि सिविल कोर्ट का स्थगन आदेश तथा हाई कोर्ट का आदेश को देखते हुए कोर्ट के आदेश का पालन किया जाये।आराजी नम्बर 1579 तथा 1661 का फिल्डबुक बनाने के बाद ही कोई अगली कार्यवाही की जाये।तब तक विपक्षी गण को आदेशीत किया जाये कि वे जबरन सिविल कोर्ट के आदेश की अवहेलना ना करे।


