हाईवे किनारे जमीनों की धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लॉटिंग भू-माफिया डकार रहे करोड़ों की संपत्ति
एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आराजी लाइन विकास खण्ड अंतर्गत मेंहदीगंज नहर के बॉर्डर पर मेहदीगंज के रहने वाले अवैध प्लाटर द्वारा वर्तमान समय मे नहर विभाग से बगैर अनुमति लिए कच्चा रास्ता बनाकर अवैध प्लाटिंग कर महंगे दामो में जमीन बेचने का मामला प्रकाश में आया है।वाराणसी जिले की बेशकीमती जमीनो पर किस कदर सैकड़ो भू-माफियाओ ने कब्जा किया है ये किसी से छिपा नहीं है।

भू-माफिया ने तंत्र स्थापित कर ऐसा खेल किया कि शहर से लगी जमीन ढूंढे नहीं मिल रही है।मजबूरी में जरूरतमंद अस्थायी निर्माण भी कर लें तो वीडीए के अधिकारी अपना मकसद लेकर पहुंच जाते हैं,लेकिन न जाने कितनी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग करके भूखंड बेच डाले गए और किसी अफसर ने कोई ठोस केकार्यवाही नहीं की।ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या ये जो शहर सहित ग्रामीण इलाकों से लगी करोड़ों की जमीन पर भू-माफिया अपनी बुरी नीयत गड़ाए बैठे हैं,वो क्या बिना वीडीए व जिला पंचायत सहित तहसील प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से संभव है।वाराणसी विकास प्राधिकरण को भले ही अपनी योजनाओं के लिए शहर में भूमि नहीं मिल रही है,लेकिन भू-माफिया प्लाटिंग के लिए हर क्षेत्र में आसानी से जमीन खोज लेते हैं।

इस बात का अंदाजा शहर व आस-पास लगातार हो रही प्लाटिंग को देख कर लगाया जा सकता है।इसकी एक वजह यह भी है कि इन्हें न तो ग्रीन बेल्ट से मतलब होता है और न ही किसी और बात से।इन भू-माफिया का नेटवर्क इतना तेज होता है कि यदि कोई किसान अपनी जमीन बेचने के बारे में सोचता भी है तो इन्हें पता चल जाता है।तुरंत वे किसान से संपर्क कर समझा बुझाकर कुछ धनराशि एडवांस में दे देते हैं,जिसके बाद वह किसान भी इनके बंधन में बंध जाता है फिर उस जमीन पर बिना कोई मानक पूरा किए चूना डालकर या ईट से प्लाट काट दिए जाते हैं और मोटी कमाई के साथ प्लाटों की बिक्री शुरू कर दी जाती है।सोचने वाली बात तो यह है कि दिन भर क्षेत्र में घूमने वाले प्राधिकरण के अधिकारियों को न तो बिना मानकों की प्लाटिंग दिखाई देती है न ही भू-माफिया पर कोई कार्यवाही की जाती है,जिसका खामियाजा खरीदारों को कई वर्षों तक भुगतना पड़ता है।प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए की जा रही प्लाटिंग पर लगातार कार्यवाही की जाती है।अभियान चलाकर सभी प्लाटिंग की जांच कराई जाएगी।


