एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ,पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ वाराणसी के पदाधिकारियों, शिक्षकों का प्रतिनिधिण्डल टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चन्दौली सांसद माननीय बीरेंद्र सिंह से मिलकर टेट अनिवार्यता से मुक्ति हेतु संसद में उक्त मुद्दा उठाने विषयक पत्रक सौंपा।सांसद श्री सिंह ने शिक्षको के मुद्दे को जोरदार ढंग से नियम :377 के तहत सदन में उठाने के साथ-साथ सड़क से सदन तक संघर्ष करने का आश्वासन दिया।उन्होंने शिक्षकों से यह भी आह्वान किया कि आप राष्ट्र निर्माता हैं आपको अपनी ताकत को पहचानना होगा क्योंकि यदि आप सड़क पर उतर गये तो कोई भी सरकार सत्ता में नहीं रह सकती।

उन्होंने वर्तमान में बेसिक शिक्षा की दुर्दशा के लिए डबल इंजन की सरकार को आड़े हाँथ लेते हुए कहा कि आज शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में उलझाकर विद्यालयों को तोड़ने की साजिश किया जा रहा।शिक्षक चाहकर भी पढ़ा नहीं पा रहा है, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।उन्होंने आश्वस्त किया कि आप राष्ट्र निर्माण में अपना ईमानदारी से योगदान दें, हम एवं हमारी पार्टी सड़क से सदन तक इस मुद्दे पर लड़ने के लिए कटिबद्ध है।आवश्यकता पड़ने पर हम इसी सत्र में काम रोको प्रस्ताव लाकर इस पर निर्णायक बहस कराएंगे।प्रतिनिधि मण्डल में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सकलदेव सिंह, जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद उपाध्याय, जिला मंत्री डॉ0 शैलेन्द्र विक्रम सिंह, रविन्द्र नाथ यादव,रविन्द्र सिंह, राकेश चन्द्र पाठक, विनोद सिंह, ज्योति प्रकाश, राजीव सिंह, डॉ राजेश्वर सिंह, अरविन्द सिंह, संतोष सिंह, जीतेन्द्र सिंह,राजेश सिंह दोहरी,उदय प्रताप ,डॉ मनीष कुशवाहा वीरेंद्र सिंह,सुनील सिंह,अजय सिंह, परवेज अहमद, प्रीति शुक्ला, रीता विश्वकर्मा, आरती गौतम, अर्चना ओझा, रीता सिंह,शिवजतन यादव, अखिलेश विश्वकर्मा, सत्यनारायण वर्मा,विपिन मिश्र , किरण रॉय, सहित सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल रहे।


