एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-काशी पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित शिवपुर तालाब जिसकी आराजी संख्या 69 मौजा एवं परगना शिवपुर सदर तहसील वाराणसी कुल रकबा 2.70 एकड़ जिसको पाटकर अवैध कब्जा करके उस पर बिल्डिंग निर्माण कराए जाने हेतु वाराणसी विकास प्राधिकरण में फाइल दाखिल करके एनओसी के लिए नगर निगम वाराणसी तक ऑनलाइन आवेदन पहुंचा।जिसकी जानकारी होने पर तत्काल मैंने अपर नगर आयुक्त (राजस्व) श्री अनिल यादव के संज्ञान में मामला लाया और मेरी ओर से संबंधित लेखपाल श्री गौतम को भी सभी तथ्यों से अवगत कराते हुए उन्हें किसी भी कीमत पर तालाब जो नगर निगम की संपत्ति के रूप में दर्ज है तथा वह तालाबों की सूची में भी अंकित है नगर निगम से किसी भी प्रकार की एनओसी जारी नहीं की जा सकती।यह पहला मामला नहीं है पूर्व में भी शिवपुर निवासी एक बड़े बिल्डर ने इसी तरह का प्रयास किया था,उस समय वाराणसी विकास प्राधिकरण ने नगर निगम की और से जारी एनओसी के आधार पर बिल्डिंग निर्माण का नक्शा जारी कर दिया था जिसका काफी विरोध हुआ एवं उसके खिलाफ वर्ष 2004 में मा उच्च न्यायालय में मेरी ओर से दाखिल एक जनहित याचिका जितेंद्र सेठ बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर तत्कालीन मंडल आयुक्त द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने यह पाया कि यह सार्वजनिक तालाब है और उसे कोई भी स्वतव धारक अवैध रूप से कब्जा नहीं कर सकता।इसके बाद तालाब की सुरक्षा के लिए मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कुंडो/तालाबों की संरक्षण समितियों ने क्रमशः वर्ष 2016,2017 एवं 2018 में पाटे गये तालाब की खुदाई करने के आदेश दिए,मौके पर जेसीबी लगाकर तालाब के आंशिक भाग की खुदाई भी करवाई गई लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप से तालाब की खुदाई का कार्य अचानक बीच में रोक दिया गया।यह तालाब 63 तालाबों की सूची में 31वें नंबर पर दर्ज है,मौके पर सूचना बोर्ड भी लगा हुआ है। भारी जन विरोध के चलते आज तक पाटे गए तालाब के भूभाग पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं हुआ है।शिवपुर तालाब पर कब्जा करने की मनसा रखने वाले भू माफिया और तथा कथित उनसे साठगांठ रखने वाले भ्रष्ट्र अधिकारी हमेशा से तालाब को हथियाना की कोशिश करते रहे हैं।

हम उनके मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने देंगे और जब तक इस तालाब की खुदाई कराकर (रीस्टोरेशन आफ वॉटर बॉडी) एवं तालाब का सुंदरीकरण नहीं कराया जाएगा हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा और इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाना पड़ेगा हम उठाएंगे,जहां से न्याय होगा न्याय मिलेगा हम वहां जाएंगे और भविष्य में भी ऐसे किसी प्रयासों पर हम तुरंत सख्त कार्यवाही करेंगे।हम जिला प्रशासन एवं उत्तर प्रदेश शासन से तालाब के संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हैं एवं इस तालाब को जल संरक्षण के लिए तालाब से मिट्टी निकालकर इसके सुंदरीकरण कराए जाने की मांग करते हैं।


