एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।यहाँ बचपन की नादानी तीन हंसते-खेलते परिवारों पर वज्रपात बनकर टूटी है।गांव में जहरीले फूल (कनीयल/कनेर) के बीज का सेवन करने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई है।जिन आंगन में कुछ घंटे पहले किलकारियां गूंज रही थीं वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा है और परिजनों के करुण क्रंदन से हर किसी का दिल पसीज गया है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी वैभव बांगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।मृतक बच्चियों की पहचान हर्षिता 6 वर्ष उसकी छोटी बहन अंशिका 3 वर्ष और उनकी पड़ोसी नैंसी 4 वर्ष के रूप में हुई है।हर्षिता और अंशिका सगी बहनें बताई जा रही हैं।स्थानीय निवासियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार तीनों बच्चियां घर के आसपास ही खेल रही थीं। खेल-खेल में उनकी नजर कनीयल (कनेर) के पौधे पर लगी फलियों पर पड़ी।अबोध बच्चियों ने अनजाने में उन जहरीले बीजों को कोई खाने वाला फल समझ लिया और तोड़कर उनका सेवन कर लिया। उस वक्त किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह छोटी सी भूल उनके जीवन का अंत साबित होगी।बीज खाने के कुछ ही देर बाद बच्चियों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।वे सुस्त पड़ने लगीं और उनकी हालत गंभीर होती चली गई।जब तक परिजन कुछ समझ पाते,स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी थी।बेहोश होने से ठीक पहले एक बच्ची ने अपनी लड़खड़ाती जुबान में बताया कि उन लोगों ने ‘कनीयल का फल’ खाया है।बच्ची के मुंह से यह बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए।घबराहट और अफरातफरी के बीच ग्रामीण इकट्ठा हुए लेकिन विष का प्रभाव इतना तीव्र था कि दो बच्चियों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।परिजनों के लिए यह मंजर किसी बुरे सपने से कम नहीं था।दो बच्चियों की मौत के बाद,बची हुई आस के साथ वे तीसरी बच्ची को लेकर बदहवास हालत में अस्पताल भागे।हर कोई चमत्कार की दुआ मांग रहा था,लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे भी मृत घोषित कर दिया।एक साथ तीन नन्ही जानों के चले जाने से करधना गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एडीसीपी वैभव बांगर ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।पुलिस ने विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है लेकिन इस त्रासदी ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और जहरीले पौधों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।


