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रास्ते के विवाद में गर्भवती महिला के पेट पर लात मारकर ली जान कोख में ही थम गई बच्चे की सांस

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एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-शहर के लालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुकुलगंज में रविवार की रात इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना घटी,जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।यहाँ मात्र एक ऑटो निकालने के लिए रास्ता मांगने पर दबंगों ने न केवल पति को पीटा,बल्कि बीच-बचाव करने आई उसकी गर्भवती पत्नी के पेट पर लात-घूंसों से हमला कर दिया।इस वहशियाना हमले के कारण कोख में पल रहे शिशु की तो मौत हुई ही,सोमवार को इलाज के दौरान प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया।एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं और दोहरी मौत की इस खबर ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना की पृष्ठभूमि हुकुलगंज-कुलगंज खजूरी इलाके की है,जहाँ दशमी पटेल अपने परिवार के साथ रहते हैं। दशमी प्रशासनिक अफसरों के आवास पर फॉलोवर (रसोइया) के रूप में कार्यरत हैं।रविवार को जब वे एक अधिकारी के आवास पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे,तभी घर से सूचना मिली कि उनकी 35 वर्षीय गर्भवती पत्नी सनोली पटेल की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है।पत्नी की हालत की गंभीरता को समझते हुए दशमी तुरंत घर पहुंचे और पास के पेट्रोल पंप से एक ऑटो लेकर अपनी गली के मुहाने पर आए ताकि पत्नी को समय रहते अस्पताल पहुँचाया जा सके।लेकिन गली में दुकानदारों द्वारा सड़क पर अतिक्रमण कर सामान फैलाया गया था,जिससे ऑटो अंदर नहीं जा पा रहा था।जब दशमी ने हाथ जोड़कर दुकानदारों से रास्ता देने की गुहार लगाई,तो संवेदनहीनता की हद पार करते हुए दबंगों ने रास्ता देने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी।विवाद इतना बढ़ा कि एक दुकान पर बैठे युवक और उसके साथियों ने दशमी पटेल पर हमला बोल दिया।अपने पति को पिटता देख और शोर सुनकर घर के अंदर से उनकी गर्भवती पत्नी सनोली और बुजुर्ग माँ बाहर दौड़ीं।

सनोली ने जैसे ही पति को बचाने की कोशिश की हमलावरों ने दरिंदगी दिखाते हुए गर्भवती महिला को भी नहीं बख्शा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दबंगों ने सनोली के पेट पर लात और घूंसों से वार किए और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।इस हमले से महिला को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और रक्तस्राव शुरू हो गया।पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने पुलिस को सूचना दी,लेकिन दबंगों ने उन्हें लगभग चार घंटे तक घेरे रखा और अस्पताल नहीं जाने दिया।पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत तो हुआ,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।अत्यधिक तनाव और चोट के कारण महिला की हालत घर पर ही बिगड़ती चली गई।सोमवार को जब सनोली की हालत नाजुक हो गई,तो उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया,जहाँ डॉक्टरों ने जो बताया उसने परिजनों के पैरों तले जमीन खिसका दी।डॉक्टरों के मुताबिक,मारपीट के दौरान पेट पर लगी गहरी चोटों के कारण गर्भ में पल रहे शिशु की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी,जिससे शरीर में जानलेवा इन्फेक्शन फैल गया था।इलाज के दौरान सोमवार को सनोली ने भी अपनी आखिरी सांस ली। इस दोहरी मौत की खबर से गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों का सब्र का बांध टूट गया।

आक्रोशित भीड़ ने शव को हुकुलगंज मुख्य मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया।परिजनों का सीधा आरोप है कि लालपुर पुलिस ने मामले को हल्के में लिया और समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की,जिसके चलते आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।मौके पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और आला अधिकारी वहाँ पहुंचे।देर शाम तक परिजनों को समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा लेकिन वे दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।दशमी पटेल,जो अपनी पत्नी और आने वाले बच्चे को घर लाने का सपना देख रहे थे,अब अपनी आंखों के सामने अपने परिवार को उजड़ता देख बदहवास हैं।यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है,बल्कि समाज की उस निष्ठुरता को भी उजागर करती है जहाँ रास्ते के चंद इंच के लिए एक गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की बली चढ़ा दी गई।पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है लेकिन सवाल वही है,क्या इस परिवार को समय रहते न्याय मिल पाएगा।

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