एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-कृषि विभाग उप्र फसलों में लगने वाली लागत कम करने गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि के साथ–साथ पर्यावरण अनुकूल जैविक कीटनाशकों को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रयासरत है।सहायक विकास अधिकारी रक्षा इकाई हरहुआ नवींन कुमार उपाध्याय के अनुसार कृषि विभाग जैविक कीट प्रबंधन के प्रमुख घटकों जैसे सोलर लाइट ट्रैप,फेरोमोन ट्रैप और स्टिकी ट्रैप का प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान पर वितरण की पहल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की है।इससे कृषकों की फसल सुरक्षा हेतु कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने के साथ कीटों के प्रभावी नियंत्रण की पर बल मिलेगा,फलस्वरूप कीटनाशी अवशेषमुक्त गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन बढ़ेगा।ये ट्रैप रात में उड़ने वाले कीटों (जैसे तना छेदक,सफेद मक्खी,माहू,बीटल के साथ चूसक एवं कुतरने वाले कीटों) को आकर्षित करके फंसाते हैं,जिससे रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव की ज़रूरत नहीं पड़ती और मित्र कीट भी बचते हैं।कृषि विभाग द्वारा पहले आओ,पहले पाओ की व्यवस्थानुसार अनुसार दी जायेगी कृषक इसे कृषि रक्षा इकाई से प्राप्त कर सकते है।


