एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ वाराणसी के वरिष्ठ शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि विगत माह सितम्बर में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना अनिवार्य किया था।इससे शिक्षकों में नाराजगी है।रविवार को शिक्षक भवन लखनऊ में शिक्षक संगठनों ने बैठक कर साझा रणनीति तैयार करने और आंदोलन को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया। सनत कुमार सिंह ने बताया कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेश चन्द्र शर्मा की अगुवाई में संगठन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 फरवरी को ट्विटर यानि ‘एक्स’ हैंडल पर हैशटैग अभियान चलाया जाएगा।तंदुपरांत 23 से 25 फरवरी तक प्रदेशभर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे एवं 26 फरवरी को सभी जिलों की भांति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।धरने के बाद बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।सनत कुमार सिंह ने कहा कि टेट अनिवार्यता को लेकर सभी संगठनों की एकजुटता शिक्षक हित में है। मार्च के तीसरे सप्ताह में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।इस रैली के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।आंदोलन की एकजुटता में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ,उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ,उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी के साथ साथ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी भी शामिल है।



