एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-काशी विद्यापीठ विकास खंड के ग्राम पंचायत बेटावर मे बना 10×5 का ( छोटा ) सामुदायिक शौचालय बना चर्चा का विषय जिसमे एक स्नान घर व एक शौचालय मात्र बना हुआ है और सरकारी धन का बंदरबाट व घपलेबाजी का खेल जमकर खेला गया है।ग्रामीणों ने बताया कि जब से यह छोटा वाला सामुदायिक शौचालय बना है तब से लेकर आज तक इसका ताला नहीं खुला है, ग्राम प्रधान से कहने पर उनका जवाब रहता है कि शौचालय सभी के घर बना हुआ है फिर इसकी क्या जरूरत है खुलने की।आपको बता दे की वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है जिसमें आठ विकास खंड क्रमशः आराजी लाइन,सेवापुरी,बड़ागांव,काशी विद्यापीठ,हरहुआ,चिरईगांव,चोलापुर तथा पिंडरा आता है।सभी ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए व स्वच्छता के दृष्टि से हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण शासन सरकार द्वारा कराया गया है बावजूद अधिकतर ग्राम पंचायत और विकास खंड में सामुदायिक शौचालय बनवाने में गुणवत्ता मानक विहीन सामग्री का प्रयोग किया गया है जिससे कम दिन में ही सरकारी योजनाएं धराशाई हो जा रही है इतना ही नहीं देखरेख करने के लिए केयरटेकर तो नियुक्त हो जाते हैं लेकिन वह भी घर बैठकर प्रधान के सहारे सुविधा शुल्क अदाकार अपनी मानदेय लेते रहते हैं। ग्राम पंचायत में नियुक्त सचिव का तो अलग ही बोलबाला है वह अपने पंचायत भवन मिनी सचिवालय में बैठना भी जल्द मुनासिब नहीं समझते उनका सारा कार्य ग्राम प्रधान तथा रास्ते में हो जाता है।ग्राम पंचायत बेटावर में बने सामुदायिक शौचालय में सरकारी धन का बंदर बाट हुआ है,हर ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय के अपेक्षा बेटावर में बना सामुदायिक शौचालय चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्राम प्रधान बेटावर हरिश्चंद्र से बात किया गया तो वह कचहरी में होने की बात बताकर फोन काट दिए,सचिव का भी जवाब संतोष जनक नही रहा।वही इस बाबत एडीओ पंचायत काशी विद्यापीठ सुनील कुमार श्रीवास्तव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वह झल्लाते हुए बोले कि हमे एक साल हुआ है हम क्या जाने सचिव भी नया आया है जाँच की जायेगी।


