दिव्यांगता जागरूकता एवं समावेशन अभियान में दिव्यांग बच्चों ने की सराहनीय प्रस्तुति
एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-जन विकास समिति मुर्दहा वाराणसी द्वारा आयोजित दिव्यांगता जागरूकता एवं समावेशन अभियान 2025 का समापन बुधवार को दिव्यांग बच्चों द्वारा कौशल,कला ,प्रतिभा प्रदर्शन की प्रस्तुति संग सम्पन्न हुआ।इस वर्ष की थीम’छात्रों का दृष्टिकोण दिव्यांगता समावेशन’ में चार जिला वाराणसी,भदोही,मिर्जापुर और जौनपुर के 40 विद्यालयों के 7921 छात्रों ने भाग लिया था।कक्षा 9-10 के लिए कला प्रतियोगिता तथा कक्षा 11-12 के लिए प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता आयोजित की गई।

स्कूल और जिला स्तर के बाद कुल 24 फाइनलिस्ट क्षेत्रीय स्तर प्रतियोगिता में शामिल हुए।निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता,संवेदनशीलता और विषय की समझ का मूल्यांकन किया।कला प्रतियोगिता में अक्षत पाण्डेय,काजल सिंह व अनैशा यादव को प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ अंकित विश्वकर्मा,रवि गुप्ता तथा तनु दूबे को प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता में सफल रहे।कला तथा प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता के प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को ₹5001,₹4001 और ₹3001 के पुरस्कार प्रदान किया गया।कार्यक्रम में छात्रों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा,परिवहन,भवनों और डिजिटल माध्यमों में सुगम्यता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।छात्रों ने अपने विचारों में बताया कि सहानुभूति,सम्मान और सहयोग समावेशी समाज की नींव हैं।विशेषज्ञों ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों की क्षमताओं को पहचानना और उन्हें नेतृत्व के अवसर देना सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।जन विकास समिति के सचिव सह निदेशक फा चंद्रन रैमड्स ने

अतिथियों,विशेषज्ञों,निर्णायकों को धन्यवाद प्रदान करते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में समावेशन,सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना है।उन्होंने ने भविष्य में भी ऐसे दिव्यंगता जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और सभी संस्थानों से अपील की कि वे समावेशन को केवल नीति नहीं,बल्कि दैनिक व्यवहार और संस्कृति का हिस्सा बनाएं।कार्यक्रम में सराहनीय सहयोग जडावती,फिलिप्स थॉमस,सुभावती,अनूप सिंह वींजानस का रहा।सफल संचालन कार्यक्रम अधिकारी रंजीत सिंह ने की।


