एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-रोहनिया क्षेत्र के मिसिरपुर-कन्दवा पेयजल योजना (जल निगम)पानी टँकी पर तैनात मिसिरपुर निवासी प्राइवेट ऑपरेटर रामजीत से कराया जा रहा 10000 रुपये प्रतिमाह नकद देकर 24 घण्टे डियूटी।ज्ञात हो कि हर जल निगम पर 3 ऑपरेटर तैनात रहते है जो 8-8 घण्टे अपनी डियूटी करते है

लेकिन यहाँ के जेई द्वारा एक प्राइवेट ऑपरेटर से कराया जा रहा तीन तीन डियूटी सवालों के घेरे में जल निगम विभाग की कार्यशैली,प्राइवेट ऑपरेटर रामजीत के स्वर्गीय पिता होरीलाल ने भी इसी पम्प हाउस पर अपने जीवनकाल तक प्राइवेट ऑपरेटर की नौकरी किया था जिसके बाद 6 जून 2020 से उनके पुत्र और वर्तमान समय के ऑपरेटर रामजीत 24 घण्टे 365 दिन महज 10000 रुपये पर पम्प हाउस में रहकर नौकरी करते है।उनके नाम पर 24 घण्टे डियूटी के एवज में कितना पैसा आता है या विभाग से देने वाले लोग लेते है इसका अता-पता नही है।

डियूटी के बाबत रामजीत बकायदा एक रजिस्टर पर अपना हस्ताक्षर व जैसे जैसे पैसा मिलता है वह लिखते जाता है।लेकिन इस प्रकार एक प्राइवेट कर्मचारी का शोषण किया जाना बेहद निंदनीय कार्य है उनका कहना रहा कि हमारे पिता यहाँ काम किये और मैं स्वयं यहाँ काम कर रहा हूँ लेकिन हमें कोई आज तक परमानेंट करना मुनासिब नही समझा हमारा तो हमारा ठीक मैंने अपने इंटरमीडिएट व टेक्निकल की पढ़ाई किये बेटे की नौकरी के बाबत बात की और कागजात भी जेई को दिया लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नही हुई।

पम्प ऑपरेटर रामजीत ने बताया की पुराने जेई अतुल यादव हमे काम पर रखे थे उसी समय से हमे 24 घण्टे काम का 10000 मिलता है वह भी नकद देते थे और नए वाले वर्तमान समय के जेई अभय पटेल भी नकद 10000 वेतन देते है 3 पम्प ऑपरेटर का काम हमसे अकेले लिया जाता है मैं पम्प हाउस में दिन रात रहकर 50 गाँवो की पेयजल सप्लाई चालू करने का काम करता हूँ लीकेज होने पर ठीक भी करता हूँ,बीते दिनों मिसिरपुर में विधुत विभाग द्वारा लगाए जा रहे पोल के लिए हाइड्रा से जमीन खोदने पर पाइप लाइन ध्वस्त हो गयी थी उसका भी मैं काम किया लेकिन 1000 मजदूरी उसका भी आज तक नही मिला वसूली कराने की भी जिम्मेदारी मेरी ही है।


