एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रविवार को तेन्दुई गांव के समीप वरुणा नदी के शांत कछार पर बसे ग्रामीण इलाके के कोतवाल अमिलहाडीह बाबा का भब्य वार्षिक श्रृंगार किया गया।ग्रामीणों के सहयोग से बाबा दरबार में अखण्ड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया।वही दोपहर बाद मिर्जापुर की बिरहा गायक कलाकार सरोज सरगम का बिरहा गायन का कार्यक्रम चलता रहा।इस मौके पर जगापट्टी के ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह यादव ने बिरहा गायक कलाकारों का अंग वस्त्रम,माला देकर सम्मानित किया।इस मौके पर बाबा के दर्शन हेतु दर्जनों गांवो से महिलाओं व पुरुषों की अपार भीड़ उमड़ी रही।बाबा धाम को आकर्षण ढंग से सजाया गया था।भक्त बाबा का दर्शन कर सुख,समृद्धि की कामना की।यहा की मान्यता है कि बाबा को प्रसाद स्वरूप देशी घी में पूड़ी व हलुआ बनाकर भोग लगाने से बाबा प्रसन्न होते हैं।महिलाएं खुले आसमान तले मिट्टी का चूल्हा बनाकर साफ सफाई के देशी घी में बाबा का प्रसाद तैयार करती हैं।इसे लोग (कड़हिया पूजन) भी कहते हैं। बाबा दरबार में कड़हिया पूजन करने वाली महिलाओं की अपार भीड़ उमड़ी रही बाबा धाम में महिलाओं की संख्या काफी अधिक दिखाई दे रही थी।सुबह से शाम तक बाबा दरबार में उमड़े भक्तों के जय जयकार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया था।श्रृंगार अवसर पर हवन पूजन के महक से क्षेत्र का वातावरण काफी सुगन्धित हो गया था।श्रृंगार के बाद नव युवा समिति व ग्रामीणों की ओर से अखण्ड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया।संयोजक अवधु बाबा,केशव यादव व पुजारी श्यामबिहारी मिश्र उर्फ धुजा महाराज द्वारा आये हुये भक्तो को आशीर्वाद देकर प्रसाद वितरण किया गया।नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी रही।


