एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-गंगापुर परिसर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस विविध जागरूकता कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ।शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने समाज में बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए अनेक गतिविधियों का आयोजन किया।शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों द्वारा “बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ” विषय पर विचार-विमर्श किया गया।इस दौरान समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने,उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने तथा लैंगिक समानता स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई एवं पूरे दिन के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई।यह रैली परिसर से प्रारम्भ होकर गंगापुर बाजार होते हुए आगे बढ़ी,जिसमें स्वयंसेवकों ने नारों और संदेशों के माध्यम से लोगों को बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूक किया।रैली के उपरांत स्वयंसेवक विभिन्न टोलियों में विभाजित होकर चयनित ग्राम सभा सुईचक पहुंचे,जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के बीच जाकर जन-जागरूकता अभियान चलाया।इस दौरान स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को बालिका शिक्षा के महत्व के बारे में बताया तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक आंकड़ों (डेटा) का संग्रह भी किया।इसके पश्चात मध्याह्न भोजन के बाद आयोजित बौद्धिक सत्र में परिसर प्रभारी डॉ मनीष कुमार सिंह ने “बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए बेटियों को शिक्षा,सम्मान और समान अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने और जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।बौद्धिक सत्र के उपरांत विभिन्न इकाइयों के स्वयंसेवकों द्वारा मनोरंजनात्मक एवं बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।इस दौरान स्वयंसेवकों ने वाद-विवाद गायन तथा निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को मंच मिला।कार्यक्रम के अंत में शिविर के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई तथा स्वयंसेवकों को सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया गया।इस अवसर पर समस्त कार्यक्रम अधिकारी,भारी संख्या में स्वयंसेवक समस्त कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।


