कार्यकर्तओं ने मन्दिर प्रांगण में केक काटकर विधायक टी राम का मनाया जन्मदिन मनाई खुशी
एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-देव दीपावली के अवसर पर चोलापुर के नियार स्थित बनस्पति घाट पर अजगरा विधायक त्रिभुवन राम द्वारा दीपदान कर धूमधाम से गोमती महोत्सव मनाई गयी।बनस्पति घाट स्थित मां बनसत्ती देवी का श्रृंगार के पश्चात घाटों पर ग्यारह हजार दीपों से सजाकर भक्तजनों ने दीपदान किया।दीप जलने से घाट जगमग हो उठा,ऐसा लगा कि आकाश के सितारे उतर आए जमीं पर,एक पल गोमती नदी के कल-कल बहती धारा व उनकी लहरों में दीपों के प्रकाश ने आत्मीय ऊर्जा प्रदान की।कपूर,धूप,लोहबान,दशांग की गमक व तेल से जल रहे दीपों के लौ की खुशबू से पूरा वातावरण खुशनुमा हो उठा।

विधायक अजगरा त्रिभुवन राम व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि सनातन धर्म मे आस्था,आध्यात्मिक संस्कार जहाँ एक तरफ नवीनता की वरण करती है वहीं दीपों के जलने से आंतरिक और वाह्य ऊर्जा का संचार होता है।प्रकृति व पर्यावरण प्रदूषण मुक्त हो जाती है।कहावत है कि त्रिपुर राक्षस पर देवों के विजय के पर्व देव दीपावली ने आस्था की झिलमिलाहट ने नैसर्गिक सौंदर्य का वितान कर सनातन की गौरव गाथा को जीवंत बना दिया।राष्ट्रीय क्षितिज पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित देव दीपावली ने जय जवान,शहीदों,बलिदानियों की अमर गाथा को याद कर राष्ट्रीय भक्ति की भावना भर दी।ऐसे पावन अवसर पर आयोजकों,कार्यकर्ताओं ने केक काटकर मेरा जन्मदिन मनाते हुए कृत से कृतार्थ कर दिया। यह यादगार पल जीवन के अंतिम क्षणों तक प्रेरणा प्रदान करेगी मन्दिर स्थल पर देर रात तक भजन कीर्तन व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चला।एक तरफ भक्ति का भाव तो दूसरी तरफ आत्मीय भावनाओं का प्रेम हिलोरे लेकर खुशियां बिखेर रही थी।गोमती महोत्सव में आयोजक शिवाजी सिंह,अध्यक्ष रामदुलार यादव समेत सैकडों कार्यकर्ता सहयोग में जुटे रहे।प्रमुख रूप से रामप्रकाश सिंह’बीरू’ जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा वाराणसी,जितेंद्र सिंह ‘जित्तू’,आशीष बाबा,कपिलनारायन पांडेय,आशुतोष मिश्रा ‘अजय’,पंकज तिवारी,विजय वर्मा,मनोज पटेल,मोहन राव,सिकन्दर कुमार,अरुणेंद्र सिंह,शिवबालक पटेल,अपरबल सिंह,शुभम पटेल,प्रिया सिंह,बादल,धर्मेंद्र सिंह सिंह सैकडों कार्यकर्ताओं,माताओं,बहनों,भाई गण,क्षेत्र के सम्मानित प्रधान बंधुओं,समाजसेवी जनों ने सहयोग के साथ एक दूसरे को केक खिलाकर खुशियां बांटने का कार्य किया।हर हर महादेव,जय माता की जय का उद्घोष निरन्तर चलता रहा।


