एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-पूर्वांचल की सबसे प्रतिष्ठित न्यायिक संस्थाओं में शुमार सेंट्रल बार एसोसिएशन और द बनारस बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की सरगर्मियां रविवार को अपने अंजाम तक पहुंच गई हैं।महीने भर से चल रही चुनावी गहमागहमी,जनसंपर्क और दावों-प्रतिदावों के दौर के बाद रविवार को कचहरी परिसर में नई लीडरशिप का ऐलान हो गया।सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के सबसे अहम मुकाबलों में प्रेम प्रकाश गौतम ने बाजी मारते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया है,जबकि वकीलों की आवाज को मुखर करने की जिम्मेदारी यानी महामंत्री पद का चुनाव आशीष सिंह ने जीत लिया है।

इन परिणामों के साथ ही कचहरी परिसर में जश्न का माहौल है और समर्थकों ने अपने नेताओं को फूल-मालाओं से लाद दिया है।बनारस के लगभग 10 हजार अधिवक्ताओं को आज अपना वह नया नेतृत्व मिल गया है,जो अगले एक वर्ष तक उनकी समस्याओं और हकों की लड़ाई लड़ेगा।रविवार सुबह से ही वाराणसी जिला सत्र न्यायालय परिसर में माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था।कड़ाके की ठंड के बावजूद चुनावी पारा सातवें आसमान पर था।सुबह 10 बजे से कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के बीच कचहरी के सभागार में मतपेटियां खुलीं और वोटों की गिनती शुरू हुई।चुनाव संचालन समिति ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर एक मेज पर पैनी नजर रखी।वहीं बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों का हुजूम सुबह से ही डटा रहा।हर राउंड की गिनती के साथ धड़कनें बढ़ती रहीं और जैसे ही रुझान नतीजों में बदले,परिसर ‘जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।हालांकि अंतिम आधिकारिक घोषणा और सभी पदों के परिणाम देर रात तक पूरी तरह स्पष्ट होने की संभावना है,लेकिन मुख्य पदों की तस्वीर साफ होते ही जश्न शुरू हो चुका है।

इस चुनावी महासमर में कुछ प्रत्याशियों की जीत मतदान से पहले ही तय हो गई थी।सेंट्रल बार में आय-व्यय निरीक्षक,संयुक्त मंत्री (पुस्तकालय) और प्रबंध समिति के सदस्य (15 वर्ष से कम वकालत अनुभव) समेत कुल 12 में से छह पदों पर कोई प्रतिद्वंद्वी न होने के कारण इनका निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हो गया।यह अपने आप में प्रत्याशियों की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।वहीं मुख्य मुकाबले के लिए सेंट्रल बार की वोटर लिस्ट में शामिल 7,636 मतदाताओं में से 5,347 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन राधेलाल श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कुल 70.02 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में 60 सहायक चुनाव अधिकारियों ने दिन-रात एक कर दिया।अध्यक्ष पद के लिए अमित कुमार तिवारी,आनंद कुमार मिश्र,कृपाशंकर सिंह और विनोद शंकर सिंह जैसे दिग्गजों समेत कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे,लेकिन वकीलों ने प्रेम प्रकाश गौतम पर अपना भरोसा जताया।इसी तरह महामंत्री पद पर 11 कद्दावर उम्मीदवारों के बीच आशीष सिंह ने बाजी मारी।दूसरी ओर, ‘द बनारस बार एसोसिएशन’ के चुनाव परिणाम भी बेहद दिलचस्प रहे हैं।यहाँ एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट अमरनाथ शर्मा की देखरेख में मतगणना प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई।बनारस बार में कुल 5,610 पंजीकृत मतदाता थे,जिनमें से 4,312 वकीलों ने मतदान किया,जिससे कुल वोटिंग प्रतिशत 76.86 रहा।यहाँ एक महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला लेते हुए चुनाव समिति ने उन मतों को निरस्त कर दिया,जिन्हें डालते समय गोपनीयता भंग करते हुए फोटो खींची गई थी।बनारस बार में भी कई पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है,जिसमें आय-व्यय निरीक्षक के 7 पद और संयुक्त मंत्री (प्रकाश व पुस्तकालय) का पद शामिल है।यहाँ अध्यक्ष पद के लिए 8,वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए 5 और महामंत्री पद के लिए 8 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे।रविवार का दिन वाराणसी के न्यायिक इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अब वकीलों के हितों की रक्षा,बार और बेंच के बीच समन्वय और कचहरी की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की बड़ी चुनौती होगी। विजयी प्रत्याशियों ने अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया है कि वे अपने वादों पर खरे उतरेंगे।


