वाराणसी जनपद के जिम्मेदार अधिकारी आखिर मौन क्यों
एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-वाराणसी जनपद के थानों के आस पास खुलेआम कबाड़ियों का अवैध कारोबार फल फूल रहा है।थाना प्रभारी से लेकर पुलिस स्टाफ रोजाना कबाड़ दुकान संचालकों के पास उठ बैठ रहे हैं।लेकिन कबाड़ियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।यही वजह है कि अब चोर मोटरसाइकिल,किसानों के सिंचाई मोटर,इंजन पानी वाला पंखा चोरी करके कबाड़ दुकानों में आसानी से खपा रहे हैं और कबाड़ी चोरी का सामना औने-पौने दामों खरीद भी लेते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय प्रशासन अपना पल्ला झाड़ते नजर आए दो बिंदुओं में आरटीओ विभाग को जिम्मेदार ठहराया तीसरी बिन्दु एनओसी के बारे में लिखा गया पर कोई सूचना प्राप्त नहीं।वही आरटीओ विभाग से जब शिकायत की गई तो आरटीओ विभाग ने बताया कि संयुक्त रुप से जिला प्रशासन को कार्यवाही करने के लिए अवगत कराया गया है।आखिर जिला प्रशासन या फिर पुलिस प्रशासन अवैध कबाड़ियों के दुकानों पर छापामारी एवं अवैध कबाड़ करने में क्यों जिम्मेदार विभाग कन्नी काट रही है कहीं ऐसा तो नहीं कबाड़ की दुकानों से यह दोनों विभाग मोटी रकम वसूली तो नहीं करता।जिस तरीके प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर खबरें प्रकाशित होती रहती है।कबाड़ियों के अवैध संचालन का और पुलिस प्रशासन कबाड़ियों के संचालन मलिक को थाने पर बैठाकर मोटी रकम लेकर के छोड़ दिया जा रहा है इससे यह साफ जाहिर हो रहा है की वसूली चल रही है कार्यवाही के नाम पर लिपापोती करना यानी की सूत्रों से मिली जानकारी सही साबित होती दिख रही है यह जांच का विषय है।थाना राजातालाब के द्वारा यह घटिया कृत करके कबाड़ी के ऊपर सुशांगत धाराओं में मुकदमा ना पंजीकृत करके अवैध कबाड़ियों को संरक्षण दे रही है पुलिस प्रशासन में वाराणसी वाया प्रयागराज रोड हाईवे के पास राजातालाब, मिर्जामुराद,रोहनिया थाने के आस पास से कबाड़ दुकानों की लाइन शुरु होती है।

अवैध दुकानों को बंद करवाने के लिए पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। पुलिस संरक्षण से ही कबाड़ की दुकानें संचालित हो रही हैं।इस व्यसाय में पुलिस और प्रशासन का कोई रोकटोक नहीं है।जिले में सैकड़ों से अधिक जगहों पर कबाड का कार्य चल रहा है।सैकड़ो से अधिक जगहो पर कबाड़ दुकान चल रही है।कबाड़ सामान को सड़क तक फैलाकर रखते हैं।संचालक बेधड़क गाड़ियों को खरीद कर स्क्रैप बना रहे हैं।फिर दूसरी जगह महंगे दाम में सप्लाई करते हैं।बाइक व अन्य चोरी के सामान खपाना आम बात हो चुकी है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगह-जगह कबाड़ दुकान संचालित हो रही है।सभी संचालक प्रत्येक सप्ताह सैकड़ों टन लोहे का कबाड़ खरीद रहे हैं। इतनी मात्रा में लोहे कहां से आ रहा है।इसके बारे में किसी को पता नहीं है।जानकारी के मुताबिक कुछ ट्रैक्टर सहित चार पहिया वाहन बाहर से खरीद कर स्क्रैप बनाया जा रहा है और विभाग के द्वारा कार्यवाही न करना ग्रामीण क्षेत्रो में कबाड़ियों की बाढ़ दिखाई पड़ रही हैं जिले में जैसे कबाड़ दुकानों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है,उसी तरह चोरी की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।चोर नए-नए क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले राजातालाब थाना क्षेत्र में एक महीने लगातार चोरी का मामला सामने आया था।चोरी की घटना को रोकने में पुलिस प्रशासन फिसड्डे साबित हो रहे हैं लेकिन कबाड़ दुकानों को बंद करवाने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है सभी थानों में कबाड़ संचालक अपना सिस्टम बनाकर कार्य करते नजर आ रहे है।पुलिस स्टाफ भी संचालक के साथ टाइमपास करते हैं।पुलिस के संरक्षण में कबाड़ी खुलेआम कारोबार कर रहा है।जनपद के जिम्मेदार अधिकारी आखिर मौन क्यों है मिडिया में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद क्या मामले से है अनजान या कर रहे नजर अंदाज यह भी अपने आप में यक्ष प्रश्न है मिडिया द्वारा खुलासा जारी रहेगा।


