एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-जन कवि धूमिल की स्मृति में रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर जन कवि धूमिल स्मारक पुस्तकालय खेवली पर “देश की संसद क्यों मौन है”विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के प्रमुख मनीष पटेल ने धूमिल की कविता पर चर्चा करते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है लेकिन अंग्रेजियत के बढ़ते प्रयोग पर उसकी वकालत करने में हमारी संसद क्यों मौन है।अन्य वक्ताओं में लौटन पटेल,रंजीत तिवारी,बीडीसी विशाल कुमार गुप्ता,प्रितेश त्रिपाठी,भुलई राम,कैलाश पटेल,वृजेश कुमार,राजेश विश्वकर्मा,पुष्पा देवी,सुदामा पटेल ने विचार व्यक्त करते हुए हिंदी भाषा की वकालत की।बच्चों को हिंदी की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम के आयोजक विवेकानंद काशी जन कल्याण समिति खेवली तथा आशा ट्रस्ट,प्रगति पथ फाउंडेशन व वेस इंडिया,परोपकार फाउंडेशन ने सहयोग किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्योबृद्ध लौटन पटेल तथा संचालन लौटन पटेल ने किया।


