एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-वाराणसी जिले के आराजी लाइन ब्लॉक अंतर्गत काशीपुर गांव में लाखों रुपये की लागत से अमृत सरोवर तो बना दिया गया लेकिन इसमें सिंघाड़े की खेती होते नजर आ रही है रख रखाव के अभाव में पाथवे,कुर्सियां सब टूटी पड़ी है इतना ही नही कुर्सी को अमृत सरोवर में फेंक दिया गया है और तो और कुछ कुर्सियां झंखाडियो में ठकी हुई है।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत यह जलाशय जल संरक्षण,वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संतुलन के लिए तैयार किया गया था।

मगर निर्माण के बाद से ही लापरवाही के कारण इसमे सिंघाड़े की खेती होते पाया गया।सरोवर के चारों ओर इंटरलॉकिंग के पक्के रास्ते बनाए गए हैं।सुरक्षा के लिए कटीले तारों से घेराबंदी भी की गई थी।लेकिन रखरखाव के अभाव में घेराबंदी के खंभे जगह-जगह टूटे पड़े हैं और अब इन रास्तों पर शायद ही कोई चलता हो।

देख रेख के अभाव में अब यह पूरा परिसर वीरान पड़ा है।वही इस बाबत ग्राम प्रधान काशीपुर विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना रहा कि सिंघाड़े की खेती कौन कर रहा था इसकी जानकारी हमे नही है जानकारी करके उससे खाली करा दिया जायेगा।


