एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-राजेश्वरी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरहुआ वाराणसी में आज रविवार को हरियाली तीजोत्सव के उपलक्ष्य में मेंहदी एवं नृत्य गीत प्रतियोगिताएं सम्पन्न हुई।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक साहित्यकार डॉ राघवेन्द्र नारायण सिंह ने दीपोज्वलन एवं सरस्वती मां के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया।छात्राओं ने मेंहदी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया।छात्राओं द्वारा गीत और मनोभावन नृत्य भी प्रस्तुत किए गये। प्रतियोगिता में पच्चीस छात्राओं ने हिस्सा लिया।प्रथम द्वितीय व तृतीय क्रमशः सोनम चौहान प्रथम सेमेस्टर,शिखा सरोज पंचम सेमेस्टर और पाकीजा खातून पंचम सेमेस्टर को प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिये गये साथ ही अन्य प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गये।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ सिंह ने तीज जैसे पर्वों की सार्थकता को रेखांकित करते हुए कहा कि ये पर्व हमारी जीवंत संस्कृति के प्रतीक हैं।हजारों सालों से मनाये जा रहे ये पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और सामूहिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।इन पर्वों का सामाजिक मनोवैज्ञानिक और शारीरिक महत्व है।निर्जला तीज का व्रत सुहागिन हिंदू औरतों के दृढ़ संकल्प,परिवार के प्रति समर्पण,त्याग और अनुराग का सजीव प्रतीक है।इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक विशेषतः डॉ सुमन सिंह,सोनी सिंह,प्रीति राय,इकबाल अहमद,इंदुमती देवी,अजय कुमार,श्रीमती ज्योति सिंह उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संयोजन तथा धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक अंशुमान सिंह और संचालन डॉक्टर डी के तिवारी ने किया।


