एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित ग्राम संगठनों के अभिलेखों का रखरखाव करेंगी प्रशिक्षित लेखापाल दीदियां तब लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगी।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत दिनांक 16 सितंबर से चल रहे ग्राम संगठन के लेखपाल का 04 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने व्यक्त की।उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राम संगठन की सफलता का मूल आधार होता है उसका अभिलेखीकरण जिसको अद्यतन करने में प्रशिक्षित बुक कीपर दीदियां अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि इन चार दिवसों में जो भी अभिलेखों के बारे में जानकारी आप सभी को प्राप्त हुई है उसे अपने अपने ग्राम संगठन में जाकर लिखना अवश्य शुरू करें जिससे कि आपका अभ्यास भी होगा और आपकी जानकारी बढ़ेगी।प्रशिक्षण कार्यक्रम के चार दिवसों में डीआरपी अतुल कुमार पाण्डेय व शशिकांत द्वारा प्रतिभागियों को लेखांकन क्या है एवं लेखांकन करने की प्रक्रिया,लेखांकन चक्र,ग्राम संगठन की मुख्य पुस्तक एवं सहायक पुस्तकों,फाइलों,रोकड़ बही में होने वाली प्रविष्टि,कैंसिल प्रविष्टि,सामान्य प्रविष्टि,भूल सुधार प्रविष्टि और समायोजन प्रविष्टि के बारे में बताया गया एवं रोकड़ बही में लिखने का अभ्यास कराया गया।

इसी क्रम में रसीद, बाउचर,रोकड़ बही,सामान्य खाता बही,डीसीबी,ऋण पुस्तिका,स्टाक रजिस्टर, सम्पत्ति रजिस्टर आदि में प्रविष्टि करने के तरीकों के बारे में बताया गया तथा अभ्यास कराया गया साथ ही साथ बैंक खाता संचालन मासिक प्रगति रिपोर्ट बनाना एवं वित्तीय विवरणी कैसे बनाएंगे के बारे में विस्तार से बताया गया और सभी प्रशिक्षुओं से अभ्यास कराया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी विकास खंड सेवापुरी से 41,विकास खंड पिंडरा से 40,हरहुआ से 06 व काशी विद्यापीठ से 03 इस प्रकार दो सत्रों में कुल 90 ग्राम संगठन की बुक कीपर दीदियों को प्रशिक्षित किया गया।इस अवसर पर डीएमएम विक्रम सिंह,बीआरपी हेमलता,सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,अजीत कुमार,पूनम सिंह,अर्चना,माधुरी,आरती,अंजू,क्रान्ति,अनिता,शालिनी सिंह,रीमा देवी,निशा,अंजना,पूजा राय,शकीना,संगीता,नगीना,संजू,आरती गुप्ता,अंजनी,रेखा,सुनीता,बबिता,रचना,मनोरमा,प्रियंका,गायत्री,ऊषा,वनदेवी,सविता,कोमल,किरन,सरोज,सुनीता,कल्पना,प्रीति,शमा परवीन,मीनू आदि की उपस्थिति रही।सत्र के अंतिम सत्र में सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर सत्र के समापन की घोषणा की गई।


