एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड (VAH) ने मिलकर नैपुरा,डाफी के प्राइमरी स्कूल में एक साइकिल दान कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में,40 जरूरतमंद और योग्य छात्राओं को साइकिलें दी गईं,जिनमें कम्पोजिट स्कूल सुंदरपुर,प्राइमरी स्कूल नैपुरा (डाफी) और कम्पोजिट स्कूल नवीन की छात्राएं शामिल थीं। इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लड़कियों को स्कूल आने-जाने में कोई कठिनाई न हो,जिससे वे बिना किसी रुकावट के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड वाह,रोडीज की एक परियोजना आधारित सहायक कंपनी है। रोडीज एक मैड्रिड मुख्यालय वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है,

जो आज वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के निवेश,विकास,संचालन और प्रबंधन में अग्रणी स्थान रखती है।इस कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।जिनमें विशाल चौहान,आईएएस,मेंबर एडमिनिस्ट्रेशन,एस राजलिंगम आयुक्त,वाराणसी मंडल,एन एल येओतकर,क्षेत्रीय अधिकारी बिहार;पंकज कुमार मौर्य,क्षेत्रीय अधिकारी-यूपी पूर्व,आर के वर्मा,प्रोजेक्टर निदेशक,पीआईयू सासाराम,आर के वर्मा,परियोजना निदेशक,पीआईयू सासाराम और श्री अरुण कुमार,परियोजना निदेशक,पीआईयू वाराणसी शामिल थे।इस पहल पर टिप्पणी करते हुए आईएएस,मेंबर एडमिनिस्ट्रेशन,विशाल चौहान ने कहा,“हर नागरिक,विशेष रूप से युवा लड़कियों के लिए सुरक्षित सुलभ और समान आवाजाही सुनिश्चित करना एनएचएआई की राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे समुदाय के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मुख्य हिस्सा है। वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है,क्योंकि यह आने-जाने की बाधाओं को दूर करके छात्राओं को सशक्त बनाता है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। ऐसी साझेदारियों को मजबूत करने से हमें उन समुदायों के जीवन में सार्थक,दीर्घकालिक प्रभाव डालने में मदद मिलती है जिनकी हम सेवा करते हैं।मैं इस पहल का हिस्सा बनकर खुश हूँ और सभी को ऐसे ही जन-केंद्रित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ।“इस इवेंट में बोलते हुए,रोडीज के हेड ऑफ ऑपरेशन्स श्री अश्विनी शर्मा ने कहा, “VAH में हम मानते हैं कि बुनियादी ढाँचे का मतलब सिर्फ सड़कें बनाना नहीं है,बल्कि यह अवसरों का रास्ता बनाना भी है।यह साइकिल दान पहल हमारे कॉरिडोर के किनारे के समुदायों में युवा लड़कियों की सुरक्षित आवाजाही और उनके शैक्षिक सपनों का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जब किसी बच्चे में हर दिन स्कूल पहुँचने का आत्मविश्वास और साधन होता है,तो यह एक मजबूत और समान भविष्य की नींव रखता है।हम नेशनल हाईवे निरंतर मार्गदर्शन और साझेदारी के लिए आभारी हैं और ज़मीनी स्तर पर वास्तविक और स्थायी प्रभाव डालने वाली पहलों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।यह साइकिल दान अभियान VAH के चल रहे ‘शिक्षांत्र प्लस’ कार्यक्रम का विस्तार है।यह कार्यक्रम भारत के दस स्कूलों में लागू है,जिनमें वाराणसी के तीन स्कूल भी शामिल हैं। ‘शिक्षांत्र प्लस’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।यह शैक्षणिक ढाँचे में सुधार करता है,डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देता है,सीखने के परिणामों को बेहतर बनाता है और सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करता है।


