एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-जंसा में ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।जंसा थाना क्षेत्र के भाऊपुर निवासी संजय कुमार पटेल ने पुलिस आयुक्त वाराणसी के कार्यालय में तहरीर देकर पांच व्यक्तियों के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।पीड़ित संजय के अनुसार बाबा प्रजापति,पूनम प्रजापति,जयेश,सुरज और सुरेश नामक व्यक्ति उनके मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर अक्सर आते-जाते थे।बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को ट्रेडिंग और गेमिंग कंपनी का संचालक बताते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस कंपनी में पैसा निवेश करता है तो उसे 6 प्रतिशत मासिक ब्याज मिलेगा और मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।इस लालच में आकर संजय ने उन पर विश्वास किया और धीरे-धीरे दो साल के भीतर कुल 17 लाख 14 हजार रुपये विपक्षियों के विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।इतना ही नहीं संजय ने अपने परिचितों से भी कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया।उनके एक मित्र ने करीब 17 लाख रुपये विपक्षियों के खातों में निवेश कर दिए।कुछ समय बाद जब संजय के परिचितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो विपक्षियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।काफी दबाव और बातचीत के बाद केवल 5 लाख 50 हजार रुपये लौटाए गए बाकी रकम देने से वे मुकर गए।संजय ने बताया कि विपक्षी लगातार उनसे मिलते-जुलते रहे और बार-बार यह कहते रहे कि जल्द ही पैसा वापस कर देंगे या फिर किसी संपत्ति के रूप में भुगतान करेंगे।बाद में उन्होंने संजय से कहा कि वे मोहनसराय स्थित अपनी एक जमीन उनके नाम रजिस्ट्री करा देंगे,जिसके लिए कागजात तैयार करने के नाम पर उन्होंने 20 हजार रुपये और ले लिए।यह रकम भी संजय ने ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर दी।इसके बावजूद न तो रजिस्ट्री की गई और न ही रकम वापस की गई।जब संजय ने दोबारा अपने पैसे की मांग की तो विपक्षियों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि ज्यादा जोर देने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।पीड़ित के अनुसार अब तक कुल मिलाकर उनसे करीब 18 लाख 22 हजार रुपये और उनके मित्र सुजीत कुमार सिंह से 11 लाख 88 हजार रुपये विपक्षियों ने धोखाधड़ी से हड़प लिए हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए जंसा पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी,गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


