एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-राजातालाब क्षेत्र के नरसडा स्थित सिंह छात्रावास में सरस्वती पूजा का आयोजन पिछले लगभग 40 वर्षों से लगातार भव्य एवं श्रद्धापूर्ण तरीके से किया जा रहा है।यह पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और शैक्षणिक परंपरा का प्रतीक बन चुकी है।हर वर्ष बसंत पंचमी के पावन अवसर पर छात्रावास परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है।मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना विधि-विधान से की जाती है,जिसके बाद विद्या,बुद्धि और ज्ञान की देवी की आराधना की जाती है।छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रहती है।इस अवसर पर पूजन-अर्चन,हवन,भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन होता है। खास बात यह है कि इस।आयोजन में सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं,जिससे आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द का संदेश मिलता है।आयोजकों का कहना है कि यह परंपरा पूर्वजों द्वारा शुरू की गई थी,जिसे आज की युवा पीढ़ी पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा रही है।सरस्वती पूजा के माध्यम से छात्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता संस्कार और अनुशासन की भावना को मजबूत किया जाता है।क्षेत्र वासियों ने सिंह छात्रावास के इस अनुकरणीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।इस मौके पर संदीप सिंह प्रदीप सिंह मनीष सिंह राजेश कुमार अश्वनी कुमार बृजेश कुमार पवन आदि छात्र उपस्थित थे।


