एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर इस वर्ष कचनार स्थित प्राचीन डीह बाबा मंदिर परिसर में मां सरस्वती पूजा का भव्य एवं आकर्षक आयोजन किया गया।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह कार्यक्रम पारंपरिक श्रद्धा,उत्साह और सामूहिक सहयोग के साथ संपन्न हुआ।आकर्षक झांकी और क्षेत्र के कुशल मूर्तिकारों द्वारा निर्मित प्रतिमाओं ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।मूर्तिकारों ने मां सरस्वती की प्रतिमाओं को नया, आकर्षक और अत्यंत जीवंत स्वरूप प्रदान किया।सौम्य मुखमंडल,करुणामयी मुस्कान,वीणा की बारीक नक्काशी,हंस वाहन तथा सुसज्जित आभूषणों की सुंदर प्रस्तुति ने मंदिर परिसर को भक्ति और कला के संगम में बदल दिया।झांकी में मां सरस्वती को विद्या,ज्ञान और कला की प्रतीकात्मक झलक के रूप में प्रस्तुत किया गया,जिसे देखने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया।पूजा पंडाल में पंडित अमित पांडे द्वारा विधि-विधान से मां सरस्वती का पूजन-पाठ एवं मंत्रोच्चारण कराया गया,जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिकता और श्रद्धा से ओतप्रोत हो उठा।पूजा-अर्चना के उपरांत डीह बाबा मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया,जिसमें अनुमानतः 10 हजार से 15 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।आयोजन के दौरान स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।राजातालाब थाना प्रभारी दयाराम ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में एकता और सौहार्द का संदेश देते हैं।उन्होंने लोगों से शांति एवं आपसी भाई चारा बनाए रखने की अपील की।ग्रामीणों एवं पूजा समिति के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।पूरे क्षेत्र में “मां सरस्वती की जय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का सशक्त उदाहरण बना।


