एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-जंसा सहित कई क्षेत्रों में वन माफिया द्वारा हरे पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है जिसमें पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत या निष्क्रियता के कारण कार्यवाही नहीं हो रही है।नियमों को ताक पर रखकर नीम,आम शीशम और पीपल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों को काटा जा रहा है।हरे पेड़ों के अवैध कटान को पुलिस व वन विभाग नहीं रोक पा रहा है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंसा थाना के परमपुर पुलिस चौकी अंतर्गत नैपुरा गंजारी गाँव मे मेवा साव ने अपने भूमि में लगे तीन हरे पेड़ को गंगापुर निवासी अरबाज को बेच दिया और अरबाज ने पेड़ को काटकर गायब कर दिया इससे पुलिस और वन विभाग के कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ी होती नजर आ रही है।आपको बता दे कि दैवीय आपदाओं एवं विभीषिकाओं से बचाने के लिए वनों का संरक्षण तथा पेड़-पौधे लगाने के लिए सरकारें प्रयास कर रही हैं लेकिन पेड़ों की कटाई को रोकना बड़ा मुश्किल है।क्षेत्र में पुलिस की मिलीभगत से हरे पेड़ों की कटाई का क्रम जारी है ट्रैक्टर-ट्राली पिकअप मैजिक पर लादकर लकड़ी को आरा मशीनों पर पहुंचाया जा रहा है।ऐसा नहीं है पुलिस विभाग अनजान है।आरोप है कि लकड़ी माफिया पुलिस एवं वन विभाग के कर्मचारी को मिला-जुलाकर हरे पेड़ की कटाई के खेल में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अगर यही हालात रही तो क्षेत्र पेड़ों से खाली हो जाएगा।


