एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर महान संत,निर्गुण भक्ति आंदोलन के प्रखर प्रवक्ता,कवि एवं समाज सुधारक संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में ग्राम सभा बैजलपुर से निकली भव्य पदयात्रा पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।लगभग पाँच घंटे तक चली यह पदयात्रा आदर्श ग्राम खरगुपुर से होते हुए हाथी चौखंडी बुद्ध मंदिर के मार्ग से गुजरती हुई पुनः अपने प्रारंभिक स्थल ग्राम सभा बैजलपुर (खरगुपुर) में सकुशल समाप्त हुई।संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती प्रत्येक वर्ष माघ पूर्णिमा को श्रद्धा,आस्था और सामाजिक चेतना के साथ मनाई जाती है।15वीं–16वीं शताब्दी के इस महान संत ने अपनी वाणी और कर्म के माध्यम से मानव समानता,प्रेम,करुणा और जाति-भेद से मुक्त समाज की स्थापना का संदेश दिया।उनका “बेगमपुरा” का विचार जहाँ कोई ऊँच-नीच नहीं,कोई भेदभाव नहीं आज भी सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण समाज की दिशा में प्रेरणास्रोत बना हुआ है।पदयात्रा में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई,जो संत रविदास जी के विचारों की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में देखने को मिली।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री संतोष कुमार ने बताया कि यह पदयात्रा प्रतिवर्ष संत शिरोमणि रविदास जी द्वारा समाज के उत्थान हेतु किए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए आयोजित की जाती है।

उन्होंने कहा कि आयोजन की समुचित व्यवस्था हेतु सभी सम्मानित सदस्यों की बैठक के माध्यम से समिति का गठन किया जाता है।समिति में उपाध्यक्ष नवनीत कुमार,कोषाध्यक्ष कमला प्रसाद,महामंत्री अमरजीत कुमार तथा संरक्षक रामधनी राम को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।अध्यक्ष श्री संतोष कुमार ने पदयात्रा एवं कार्यक्रम के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर समिति के सभी सदस्यों,सहयोगियों तथा प्रशासन का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर सायं 4 बजे से बैजलपुर स्थित अम्बेडकर मैदान में प्रसाद वितरण एवं सामूहिक आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।इस अवसर पर अवनीश मिश्रा,मंगला प्रसाद,राजकुमार,मौसम,राहुल,अमरनाथ,बनारसी,किसन,राजू,चंदा देवी,तारा देवी,मुन्नी देवी,मंजूला,गरीब राम,विशाल कुमार,रामधारी,नारायण,आकाश,मुकेश,राजेश,श्यामधर सहित सैंकड़ो की संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


