विशाल कुमार गुप्ता

राजातालाब/-रक्षाबंधन के दिन जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती हैं,वहीं वाराणसी के थाना राजातालाब अंतर्गत चौकी मातलदेई में एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर आंख को नम कर दिया और हर दिल को छू लिया।नन्हीं बच्ची अश्वी अपने छोटे हाथों में राखी लेकर चौकी पहुँची और वहाँ मौजूद पुलिस टीम को अपना परिवार मानते हुए उन्हें राखी बाँधी।यह सिर्फ एक धागा नहीं था यह था विश्वास का बंधन एक बच्ची का भरोसा कि उसकी रक्षा करने वाला भाई,वर्दी में भी हो सकता है।

अश्वी की मासूम मुस्कान निस्वार्थ स्नेह और विश्वास से भरी आँखों को देखकर चौकी प्रभारी और उनकी टीम भी भावुक हो उठे।बच्ची को मिठाई खिलाई गई और पूरे स्नेह से वचन दिया गया:”जब तक हमारे सीने में सांस है,तुम्हारे जैसे हर बच्चे की रक्षा हमारा कर्तव्य है।रक्षाबंधन के इस भावनात्मक पल ने न केवल भाई-बहन के रिश्ते को एक नई परिभाषा दी,बल्कि यह भी बताया कि रिश्ते खून से नहीं,भावना और विश्वास से बनते हैं।

चौकी में उपस्थित ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की आंखें भी इस दृश्य से भर आईं।कोई यह सोच रहा था कि एक बच्ची ने कितना बड़ा संदेश दे दिया कि वर्दी सिर्फ अनुशासन की नहीं,संवेदनाओं की भी प्रतीक होती है।यह राखी एक संदेश बन गई कि जब समाज और सुरक्षा बल एक परिवार की तरह जुड़ते हैं,तो एक बेहतर, सुरक्षित और स्नेहमयी दुनिया बनती है।


