एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-राजातालाब थाने में दर्ज एक मुकदमे के विरोध में बुधवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया।बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में उपस्थिति को लेकर विवाद के दौरान मारपीट की घटना हुई थी,जिसमें संचालक व उनके पिता घायल हो गए थे।इस मामले को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है।इसी क्रम में सोमवार को पुलिस ने केशव प्रसाद की तहरीर के आधार पर सुलह कराने के नाम पर धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।पुलिस द्वारा एक फोन नंबर को आधार बनाए जाने पर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई है।उनका कहना है कि उक्त नंबर तहसील के एक सम्मानित अधिवक्ता का है।वे अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे।किसी भी प्रकार की धमकी अधिवक्ता के द्वारा नहीं दी गई।पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि तहसील बार एसोसिएशन के फाउंडर मेंबर व पूर्व अध्यक्ष बच्चा लाल यादव के खिलाफ पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज किया है।उन्होंने कहा कि अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के हित में संवैधानिक दायरे में रहते हुए बातचीत की थी,लेकिन उसी बातचीत की ऑडियो क्लिप के आधार पर फर्जी मुकदमा कायम कर दिया गया।अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कड़ा विरोध जताया और कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।इसी क्रम में तहसील बार एसोसिएशन ने हड़ताल की घोषणा कर दी है जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हुई,फरियादियों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।वहीं पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।


