एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-भीषण शीतलहर ठंड व गलन से जनजीवन बेहाल है ऐसे में कोई बचाव के साधन मुहैया करा दे तो वह लोग आशीर्वाद देते हैं।शुक्रवार को शौर्य मोदनवाल का 11 वा जन्मदिन एक सादे समारोह में सम्पन्न हुआ।शौर्य के दादा के एल पथिक ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव नहीं वरन एक संस्कार और सनातन संस्कृति की प्रेरणा मिलती है।उम्र के पड़ाव पर यह अवसर होता है कि अब तक हमने क्या सीखा और आगे क्या सीखना है।

आचार्य प अन्नू तिवारी ने कहा कि हर इंसान के अंदर भगवान विद्यमान हैं जो प्राणी को ऐसे सत्कर्म करने के लिए जिज्ञासु बनाते है जो परिस्थिति,काल व समय के अनुसार मुहूर्त पर दान,दक्षिणा करते हैं।आज का दिन नए वर्ष में कुछ बेहतर करने का बच्चे को संस्कार मिला है।उपस्थित अतिथियों ने तिलक लगाकर आशीर्वाद प्रदान किया।सभी लोगों में केक वितरित किया गया।दादा,दादी,पिता,माता,बुआ,बहनों,बड़ी माता ने तिलक किया।

छोटी बहन श्वेता उर्फ भोली (लाडो) ने भी भाई शौर्य को केक खिलाया।बच्चों की टोली ने मिलकर जन्मदिन पर खूब धमाल किया वहीं गरीबों में गर्म वस्त्र वितरित किया गया।शौर्य ने सबके पैर छूकर आशीर्वाद लिया वहीँ मित्रों ने एक दूसरे को गले लगाया। पिता अनिल कुमार व माँ संगीता देवी ने अतिथियों का स्वागत किया।


