
एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-मिर्जामुराद क्षेत्र के डंगहरिया (रूपापुर) जिला वाराणसी के शीतला माता मंदिर प्रांगण में जिला पंचायत प्रतिनिधि सियाराम पटेल के मार्गदर्शन में 5100 दीपक के साथ भव्य देव दीपावली के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि को काशी में इंसान के साथ-साथ देवता भी महादेव की आराधना के लिए आते हैं।देव दीपावली के दिन मंदिर और शिवालयों में शिव चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी कराया जाता है।क्योंकि काशी में देवों के देव महादेव का निवास है और देव दीपावली को त्रिपुरासुर के वध से भी जोड़कर देखा जाता है देवताओं द्वारा मनाए जाने पर महादेव ने जब त्रिपुरासुर का वध किया।

तब भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर महादेव को त्रिपुरारी का नाम दिया था।महादेव का एक रूप त्रिपुरारी के नाम से भी जाना जाता है इसी खुशी में पूरे भारत वर्ष में शिवालय हो हर जगह देव दीपावली के दिन सूर्य अस्त होने के बाद दीपक जलाकर महादेव को प्रसन्न करने के लिए इस त्यौहार को मनाते हैं।आरंभ भी तू,अंत भी तू काशी महादेव की नगरी है।काशी में जैसे मसाने की होली के बिना होली अधूरी है,वैसे ही देव दीपावली के बिना काशी की दीपावली भी अधूरी है डंगहरिया ( रूपापुर) में जीटी रोड से लेकर मंदिर प्रांगण में सियाराम पटेल (जिला पंचायत प्रतिनिधि) डॉ राजेश पटेल,सर्वेश पांडेय,अनिल पटेल,मनोज पटेल,गुड्डू पटेल,मुन्ना खान सहित सैकड़ो ग्रामीण जनता ने मिलकर देव दीपावली के त्यौहार को मनाने का काम किया।इस अवसर पर जिला पंचायत प्रतिनिधि सियाराम पटेल द्वारा पूजा पाठ कराया गया एवं सभी भक्तजनों के बीच में प्रसाद,मिठाइयों का वितरण भी किया गया।


