एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-एक सौ सत्रह गाँव वाले आराजी लाइन विकास खण्ड के कई दर्जन गाँवो का हाल बेहाल है।ग्राम सभाओं में सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके रिसाइकल करने को करोड़ों की लागत से आरआरसी सेंटर बनवाया गया है।जिम्मेदारों की देखरेख के आभाव में ग्रामीणों को इसका लाभ तो मिल ही नहीं पा रहा है।

कूड़ा ले जाने के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा खराब हो रहे हैं।प्राप्त जानकारी के मुताबिक आराजी लाइन विकास खंड के ग्राम पंचायत कंठीपुर में भी बना आरसीसी सेंटर शोपीस बना हुआ है ग्राम प्रधान सुषमा देवी पत्नी उदय प्रताप प्रधान सहित ब्लाक के सचिव व जिम्मेदार के जिम्मेदारी की दावा हवा हवाई साबित होती नजर आ रही है,ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि बीते लगभग छह माह पूर्व इस कूड़ा घर का निर्माण करवाया गया था लेकिन जब से बना है इसका ताला खुला नही है आलम यह है कि कचरा घर के बाहर ही कूड़ा फेकने को ग्रामीण विवश है और गंदगी का अंबार कूड़ा घर के सामने लगा है।

ग्राम सभाओं में कूड़े के निस्तारण के लिए शासन के तरफ से करोड़ों रुपये के लागत से आरआरसी सेंटर बनवाए गए हैं।इन सेंटरों को बनवाने का उद्देश्य था कि ग्राम पंचायत व उसके मजरों से कूड़ा इकट्ठा करके वहां एकत्र किया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग सूखा कचरा,गीला कचरा व प्लास्टिक कचरे को रिसाइकल कर खाद आदि बनाने काम किया जाएगा। इतना ही नहीं कूड़ा इकट्ठा करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को में ई-रिक्शा भी खरीदा गया है।अब खड़े-खड़े ई-रिक्शा खराब हो रहे हैं या फिर ग्राम प्रधान अपने व्यक्तिगत काम में प्रयोग कर रहे हैं।


