एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-राजातालाब और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों नीलगाय का आतंक बढ़ गया है। सैकड़ों की संख्या में नीलगाय झुंड बनाकर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं।किसानों को इससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।स्थानीय किसानों के अनुसार,नीलगाय रात के समय खेतों में घुसकर सब्जी,धान सहित अन्य फसलों को बर्बाद कर देती हैं।किसान रात भर जागकर फसलों की रखवाली करते हैं।फिर भी नीलगाय से फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि एक दशक पहले इन वन्य जीवों की संख्या बहुत कम थी।हल्ला करने पर वे भाग जाते थे।लेकिन अब इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच गई है। किसान इन्हें डंडा लेकर भगाते हैं,लेकिन कुछ देर बाद ये फिर लौट आते हैं।

कुछ किसानों ने फसल बचाने के लिए कटीले तारों से अपने खेतों की घेराबंदी की है।लेकिन कई किसान ऐसा नहीं कर पाए हैं। उनकी फसलें नीलगाय का निवाला बन रही हैं।किसानों का कहना है कि वे कर्ज लेकर खेती करते हैं।नीलगाय के कारण होने वाले नुकसान से उन पर कर्ज का बोझ और बढ़ सकता है।कुछ इलाकों में नीलगाय सड़कों पर भी आ जाती हैं,जिससे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत दर्ज कराते हुए नीलगाय पर रोक लगाने की मांग की है।किसानों ने स्थायी समाधान की मांग की है।उनका सुझाव है कि नीलगायों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए या उचित बाड़बंदी की जाए।किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।


