एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगभग बीस माह से मनरेगा के श्रमिक व पदार्थ का पैसा न आने से ग्राम प्रधानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने दिल्ली से लौटकर प्रधान कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि जिला अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर चेतावनी दी जा चुकी है कि यदि 30 अगस्त तक लंबित भुगतान नहीं हुआ तो जिले के सभी ग्राम प्रधान मनरेगा कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।30 अगस्त के बाद वाराणसी जनपद के सभी ब्लॉकों पर तालाबंदी की जाएगी।694 ग्राम प्रधान ब्लॉक प्रांगण में ताले डालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।

5 सितंबर से वाराणसी विकास भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन होगा,जब तक मनरेगा की धनराशि जारी नहीं हो जाती।जिला अध्यक्ष ने कहा कि लंबे समय से भुगतान न होने के कारण ग्राम सभाओं में बरसात के मौसम में जल निकासी ठप है,हैंडपंप खराब पड़े हैं,मजदूरों को काम मिलने के बावजूद पैसा नहीं मिल रहा।श्रमिक भूखों मरने को मजबूर हैं और प्रधान मजबूरी में अपने घरों को छोड़ने की स्थिति में आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि केंद्र से वित्तीय मद का पैसा भी एक वर्ष से नहीं आया है,जिससे विकास कार्य पूरी तरह बाधित हैं।प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर यह आंदोलन सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश मनरेगा बहिष्कार आंदोलन का गवाह बनेगा। प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारी भी ब्लॉकों पर तालाबंदी में शामिल होंगे।जिला अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने आक्रोश भरे स्वर में कहा “प्रधानों का सब्र अब टूट चुका है।यदि शासन ने तत्काल मनरेगा का पैसा जारी नहीं किया तो पूरे प्रदेश में प्रधान सड़कों पर उतरेंगे।यह सिर्फ आंदोलन नहीं होगा,बल्कि श्रमिकों की भूख और प्रधानों की पीड़ा की गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी।


