एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-हरहुआ बाजार स्थित जहांगीरी मस्जिद में पवित्र माह रमजान के अवसर पर पढ़ी जा रही तरावीह नमाज शनिवार की रात मुकम्मल हो गई।18 फरवरी को रमजान का चांद दिखाई देने के साथ ही मस्जिद में तरावीह की नमाज का सिलसिला शुरू हुआ था।पूरे रमजान के दौरान बड़ी संख्या में नमाजियों ने तरावीह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।मस्जिद में हर दिन दो पारा कुरान शरीफ की तिलावत की जाती रही।इसी क्रम में 17वीं रमजान को पूरा कुरान मुकम्मल हो गया और जहांगीरी मस्जिद में तरावीह की नमाज भी संपन्न हो गई।तरावीह की नमाज हरहुआ डीह निवासी हाफिज बिलाल खान ने पढ़ाई।तरावीह मुकम्मल होने के बाद मस्जिद परिसर में हाफिज बिलाल खान का नमाजियों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।लोगों ने उन्हें मुबारकबाद दी और गले मिलकर खुशी का इजहार किया।इसके बाद सभी नमाजियों ने मस्जिद में बैठकर हाथ उठाकर अल्लाह तबारक व तआला से देश और दुनिया में अमन-चैन,तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी।नमाजियों ने विशेष रूप से हिंदू-मुस्लिम एकता,गंगा-जमुनी तहजीब और समाज में प्रेम-मोहब्बत कायम रहने की दुआ की।दुआ के दौरान मौजूद सभी लोगों ने “आमीन” कहकर दुआ को मुकम्मल किया।इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर तरावीह मुकम्मल होने की मुबारकबाद दी।मौके पर उलेमा और बुजुर्गों ने लोगों से रमजान के पवित्र महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने,जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने तथा समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इंसानियत,सब्र और दूसरों की मदद का पैगाम देता है।इस अवसर पर हाफिज गुलाम रसूल,जहांगीरी मस्जिद के इमाम नसीम अहमद,मेराज अहमद,बदरुद्दीन खान,मिजान खान,शाहनवाज खान,विक्की खान,सलमान अहमद,अमन हाश्मी,छेदी हाश्मी सहित सैकड़ों नमाजी मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में मस्जिद में सभी लोगों के बीच तबर्रुख तक्सीम किया गया।इसके बाद सभी नमाजियों ने खड़े होकर एक साथ सलातो-सलाम पढ़ा और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी गई।


