एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-तू डाल-डाल मैं पात-पात की तर्ज पर जिले में अवैध स्कूलों का खेल जारी है। पिछले दो साल में बंद कराए गए स्कूलों ने फिर से बिना मान्यता संचालन शुरू कर दिया।कुछ ने नाम बदले तो कुछ ने मामूली बदलाव किया और पुराना ‘खेल’ फिर चालू हो गया। इस साल शुरू हुए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के साझा अभियान में अब तक ऐसे 18 स्कूल चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें पांच पर ताला लगवाकर निगरानी भी शुरू कर दी गई है। 18 अवैध स्कूलों में सबसे ज्यादा आठ नगर क्षेत्र में मिले हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में कई इंटर कॉलेज भी अवैध ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में नक्खीघाट स्थित मां शैलपुत्री कॉन्वेंट स्कूल, सोनिया स्थित एसपी इंग्लिश स्कूल, हुकुलगंज स्थित गोमती मेमोरियल स्कूल और लवली चाइल्ड और पैगम्बरपुर स्थित सीएन पब्लिक स्कूल बंद कराए गए हैं। शैलपुत्री चौराहा स्थित भारत पब्लिक स्कूल और ढेलवरिया स्थित आरएस कॉन्वेंट को पहले भी नोटिस दी गई है मगर इन स्कूलों के संचालन की अब भी शिकायतें आ रही हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। पिछले दो वर्षों में लगातार कार्रवाई के बाद विभाग ने 25 स्कूलों पर ताला लगवाया था मगर इनमें से कई स्कूलों से नाम में ‘विद्या मंदिर’ की जगह ‘विद्या केंद्र’ या कॉन्वेंट की जगह पब्लिक स्कूल जैसे बदलाव कर नए सिरे से संचालन शुरू कर दिया।बीएसए ने बताया कि अब तक विद्यापीठ आराजी लाइन पिंडरा चोलापुर हरहुआ में दो-दो और बड़ागांव में एक अवैध स्कूल चिह्नित हुआ है। स्क्रीनिंग लगातार जारी है तो अवैध स्कूलों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। बीएसए ने बताया कि इन स्कूलों को बंद कराने के बाद प्रवेश सीजन खत्म होने तक इनकी निगरानी कराई जाएगी। कक्षाओं की मान्यता में होता है खेलबीएसए ने बताया कि अवैध ढंग से संचालित स्कूल कक्षाओं की मान्यता का खेल भी करते हैं।कई स्कूल कक्षा 1 से 5 तक की मान्यता लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई करा रहे हैं तो कुछ ने कक्षा 6 से 8 तक की मान्यता ले रखी है और प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई भी करा रहे हैं। ऐसे स्कूलों को भी चेतावनी जारी की जाएगी।


