एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-आराजी लाइन ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश पटेल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई,जिसमें ब्लॉक के समस्त प्रधानगण उपस्थित रहे।बैठक में मनरेगा के तहत सामग्री एवं श्रमिकों के भुगतान में लगातार हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई।प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि लगभग दो वर्षों से मनरेगा का भुगतान लंबित पड़ा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। कई प्रधान कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं,जबकि उन्होंने शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में पूरी निष्ठा से कार्य किया है।बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि वाराणसी जनपद में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये तक का सामग्री एवं श्रमिक भुगतान बकाया है,जो कि मनरेगा अधिनियम की भावना और प्रावधानों के विपरीत है।
ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि “यदि मनरेगा के तहत लंबित भुगतान को तत्काल प्रभाव से जारी नहीं किया गया,तो वाराणसी जनपद के प्रधान मजबूर होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।जब भी माननीय प्रधानमंत्री जी (सांसद,वाराणसी) का जनपद में कार्यक्रम आयोजित होगा, उस दौरान प्रधान अपने आक्रोश को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करेंगे।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह चेतावनी नहीं,बल्कि प्रधानों की पीड़ा और मजबूरी की आवाज है,जिसे शासन-प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए।समस्त प्रधानों की ओर से शासन एवं प्रशासन से दृढ़ मांग की जाती है कि मनरेगा के अंतर्गत लंबित सामग्री एवं श्रमिकों का भुगतान तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए,अन्यथा इसके लिए उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी।प्रधानों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं,बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करते हुए न्याय प्राप्त करना है, ताकि विकास कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकें और जनहित प्रभावित न हो।


