एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-एक महिला ने 3 साल की बेटी के साथ ट्रेन से कटकर जान दे दी। महिला सोमवार शाम करीब 5 बजे पति के साथ दवा लेने बाजार गई थी।रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन आते देख वह पटरी पर दौड़ने लगी।पीछे से पति शोर मचाते हुए बचाने दौड़ा लेकिन पत्नी को पकड़ नहीं पाया।तभी मां-बेटी ट्रेन के इंजन से टकरा गईं और महिला दस टुकड़ों में कट गई।बच्ची की भी मौत हो गई।हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।पति शवों को देखकर बिलखता रहा। आरपीएफ समेत पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।शुरुआती जांच में सामने आया कि पति मुंबई में जॉब करता है।महिला उसे जाने नहीं देना चाहती थी।घटना जंसा थाना क्षेत्र के चौखंडी रेलवे लाइन की है।जंसा थाना क्षेत्र के लच्छीपुर गांव में अनीता देवी 22 वर्ष अपनी 3 साल की बेटी दर्शना के रहती थीं।पति अजीत कुमार मुंबई में 4 साल से नौकरी करता है। होली पर वह छुट्टी लेकर घर आया था।परिवारीजनों के अनुसार अजीत को छुट्टी कम मिल पाती है,इस लिए वह घर कम ही आ पाता था।इसी वजह से पति-पत्नी में अक्सर लड़ाई होती रहती है।सोमवार को भी पति और पत्नी में विवाद हुआ।अनीता की तबीयत खराब थी,इस लिए वह दवा लेने के बहाने अपनी बेटी के साथ घर से पैदल निकली।पीछे-पीछे अजीत भी गया।वह चौखंडी रेलवे लाइन के पास पहुंचा था,तभी अनीता ने उसे देख लिया।इस पर वह रेलवे लाइन पर दौड़ने लगी।पति अजीत भी अनीता के पीछे दौड़ने लगा। तभी सामने से आ रही सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन से मां बेटी टकरा गईं।दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज की तरफ जा रही थी।जानकारी जब परिजनों को हुई घर में मातम छा गया।इधर अनीता के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल पर रोने बिलखने लगे।रेलवे विभाग के गेटमैन की सूचना पर पहुंची रेल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।महिला के पिता बद्रीप्रसाद ने दामाद अजीत पर आरोप लगाया है कि वह हमेशा विवाद करता था।इसकी वजह से अनीता मायके में लगभग 3 साल से रही थी।सोमवार को ही अजीत,पत्नी अनीता को उसके मायके से अपने घर लेकर आया था।बाद में हम लोगों इस घटना के बारे में जानकारी हुई।पति अजीत कुमार का दावा है कि उसकी पत्नी की तबियत खराब थी,इस लिए दवा के लिए वह उसके साथ भाऊपुर जा रहा था।पत्नी चौखंडी रेलवे लाइन के पास सहेली से मिलने की बात कहकर रेलवे लाइन क्रॉस कर रही थी,ट्रेन आते देख हम बचाने के लिए दौड़े,लेकिन ट्रेन बेटी और पत्नी पर होकर गुजर गई।


