एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-स्वयं सहायता समूहों में सही लेखांकन की प्रक्रिया जरूरी होती है,क्योंकि इसी पर समूहों की सफलता निर्भर होती है।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान वाराणसी द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से चयनित लेखपाल (बुक कीपर) का स्वयं सहायता समूह की अवधारणा एवं प्रबंधन विषयक तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के अभिलेखों का रख रखाव करने में प्रशिक्षित बुक कीपर दीदियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी।प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन निर्मल,अतुल कुमार पाण्डेय व शशिकांत द्वारा प्रतिभागियों को स्वयं सहायता समूह की अवधारणा तथा उसके प्रबंधन के बारे में और लेखांकन क्या होता है एवं लेखांकन की प्रक्रिया तथा समूहों में तैयार की जाने वाली पुस्तकों मुख्य रूप से कार्यवाही पुस्तिका,बचत पुस्तिका,ऋण पुस्तिका व मासिक प्रतिवेदन आदि के बारे में जानकारी दी गई।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद चन्दौली के कृषि विज्ञान केन्द्र पर आयोजित 10 से 12 मार्च 2026 की अवधि में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन सत्रों में विकास खंड चन्दौली सदर से 79 चकिया से 30 व बरहनी से 47 चयनित बुक कीपर दीदियों ने प्रतिभाग किया।प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला मिशन प्रबंधक शशिकांत एवं उपायुक्त स्वतः रोजगार चन्दौली श्वेता सिंह द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया गया।समापन अवसर पर पूनम,किरन,शशिकला,ज्योति,दुर्गा देवी,रुकसाना,शहनाज,प्रिंसी,चन्दा,मीरा,पिंकी,रीता,प्रतिमा,सुनीता,गुड़िया,रानी,शकुंतला,पुष्पा,संजू,आरती,नेहा,पूजा आदि सहित कुल 156 प्रशिक्षुओं की उपस्थिति रही।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्त में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट व ग्रुप फोटो देकर प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया।


