एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-जंसा थाना क्षेत्र के तेंदुई में सरकारी योजना द्वारा बनाये गए कृषि हाईटेंशन लाइन की तार गायब,नए पम्पिंग सेट के लिए लाइन आवेदन करने वाले को पकड़ाया जा रहा भारी भरकम स्टीमेट का ब्यौरा ग्रामीणों में आक्रोश।तेंदुई की महिला ग्राम प्रधान चाँदनी देवी ने अपने लेटर पैड पर प्रकरण दर्शाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार,अधिशाषी अभियंता डिवीजन बरईपुर व अधीक्षण अभियंता वाराणसी से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की माँग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते लगभग 6 से 7 वर्ष पूर्व कृषि के लिए अलग से एचटी लाइन शासन सरकार के निर्देश पर हर जगह बनाई जा रही थी इसी क्रम में तेंदुई में भी कृषि एचटी लाइन बनाई गई थी लेकिन बीते 1 वर्षो से निरन्तर लगभग 4 माह पूर्व तक उपरोक्त एचटी कृषि लाइन से तार डिस इंसुलेटर इत्यादि सामाग्री खोलने का कार्य स्थानीय विधुत उपकेंद्र बरनी के स्टॉप कर रहे थे का गम्भीर आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।वर्तमान समय मे किसान शशि प्रकाश सिंह जब अपने पम्पिंग सेट का कनेक्शन लेने गए तो उनको 148347 रुपये का स्टीमेट बिल पकड़ा दिया गया जिसमें वह गायब तार का भी खर्च व लगे पोल का भी खर्च जोड़कर एसडीओ व जेई ने कागजात पकड़ा दिया जो कई सारे सवाल खड़े करते नजर आ रहे है।

आखिरकार सरकार द्वारा खिंची गयी सरकारी एचटी कृषि लाइन की तार गयी कहा जिसके बाबत किसानों से वसूली करने का नया तरीका स्टीमेट बनाकर किया जा रहा है अगर तेंदुई में बने कृषि लाइन की तार चोरी हुई है तो क्या सम्बंधित एसडीओ जेई द्वारा चोरी के बाबत मुकदमा दर्ज कराया गया अगर कराया भी गया होगा तो सरकारी कृषि लाइन बनाकर पूर्ण कराना विधुत विभाग की पूर्णतया जिम्मेदारी होती है।अगर किसान पम्पिंग सेट के लिए कनेक्शन लेता है तो उसको दो पोल ट्रांसफार्मर व कुछ तार इंसुलेटर डिस क्रॉस आर्म का ही स्टीमेट जमा कराया जाता है लेकिन बरनी विधुत उपकेंद्र के जिम्मेदारो द्वारा तो एक अलग खेल खेला जा रहा है सरकारी लाइन की भी स्टीमेट किसान से जमा करवाने का कार्य किया जाने लगा है जिसका जीता जागता प्रमाण विधुत विभाग के एसडीओ जेई द्वारा बनाया गया स्टीमेट पर हस्ताक्षर है।महिला ग्राम प्रधान ने पत्र लिखकर सम्बंधित से जांचोपरांत कार्यवाही की माँग किया है।


