एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-काशी विद्यापीठ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मिसिरपुर में बने सामुदायिक शौचालय का हाल बेहाल देखने लायक तक नही बच पाई है शौचालय।

जिम्मेदार आला अधिकारियों के लापरवाही का शिकार हुआ सरकारी शौचालय,गन्दगी का भरमार नही होती सफाई देख रेख टूटा दरवाजा बेसिंग बया कर रहा अपनी दास्ता।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।

इस योजना का मकसद गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाते हुए स्वच्छता की बयार बहाना है।विद्यापीठ ब्लॉक में कागजी दावों से हकीकत जुदा है।देखरेख के अभाव में ज्यादातर सामुदायिक शौचालयों की स्थिति बदहाल है।

कहीं शौचालय में दरवाजे के पल्ले व बेसिंग पानी की टोंटी टूटी है तो कहीं जलापूर्ति के लिए मोटर अथवा पानी की टंकी नहीं है।ज्यादातर गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों में ताले लटक रहे हैं।जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते ग्रामीण स्वच्छता की योजना को पंख नहीं लग पा रहे हैं।

सीडीओ वाराणसी व बीडीओ काशी विद्यापीठ प्रकरण का संज्ञान लेकर लापरवाही बरतने व सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ करे सख्त कार्यवाही बन सके नजीर।


