एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रही यूपी एकेडमी की स्थापना 15 अगस्त 2015 को की गई थी।इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के संस्थापक उदय प्रताप प्रधान हैं।विद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों में गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा,अनुशासन और प्रतियोगी परीक्षाओं की समझ विकसित करना है।यूपी एकेडमी में यूकेजी से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।यहां बच्चों को छोटी उम्र से ही यूपीएससी आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की सोच और समझ के अनुरूप तैयार किया जाता है,जिससे उनमें तार्किक क्षमता,सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास का विकास हो सके।विद्यालय में अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जाता है साथ ही छात्रों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा देने के लिए डिजिटल क्लासरूम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।बच्चों की प्रतिभा और शैक्षणिक प्रदर्शन को देखकर यह स्पष्ट होता है कि यूपी एकेडमी भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार कर रही है।जहां एक ओर वाराणसी के कई ग्रामीण इलाकों में निजी स्कूल बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं,वहीं राजातालाब थाना क्षेत्र के बढईनी में स्थित यूपी एकेडमी इन सबके बीच उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है।यूपी एकेडमी स्कूल सुविधाओं,स्वच्छता और शिक्षा की गुणवत्ता में प्रदेश के तमाम मॉडल स्कूलों को पीछे छोड़ चुका है और यह विद्यालय वाराणसी के नामचीन प्राइवेट स्कूलों को सीधा टक्कर देते नजर आ रहा है।गांव का यह स्कूल आस पास के इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।जहां एक समय यहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं,वहीं आज यह स्कूल न केवल स्वच्छता का मॉडल बन चुका है,बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नयी लकीर खींच रहा है।स्कूल परिसर में प्रवेश करते ही एकदम साफ-सुथरा वातावरण,रंग-बिरंगे कक्ष,बच्चों की खेलती-हंसती टोलियां और तकनीक से लैस क्लासरूम किसी बड़े प्राइवेट स्कूल की याद दिला देते है।आपको बता दे कि यूपी एकेडमी का स्थापना 15 अगस्त 2015 को उदय प्रताप प्रधान ने किया है जिसका भव्य शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने की है।वर्ष 2015 में यूपी एकेडमी में मात्र 80 बच्चे थे आज के समय मे कुल 350 बच्चे मौजूद है।95 प्रतिशत अध्यापक वाराणसी से तो 5 प्रतिशत अध्यापक ग्रामीण क्षेत्र से आते है।विद्यालय में कुल 20 के लगभग अध्यापक बच्चों को पठन-पाठन कराते है।स्कूल में बच्चों को लाने के लिए 1 एसी बस व 6 मैजिक वाहन है।वही इस बाबत यूपी एकेडमी के प्रबंधक उदय प्रताप प्रधान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र का यह विद्यालय अपने आप मे एक नजीर पेश कर रहा है जहां हर माह के अंतिम दिन बच्चों को मूवी दिखाने व फस्ट सेकेंड आने वाले बच्चों को हवाई यात्रा भी अपने खुद के पैसों से कराता है जिससे उनका मनोबल पढ़ने में बेहद बना रहे जो बच्चे अपने कैरियर में जो भी बनना चाहते है उनको पूरे ड्रेस कोड व किट के साथ भी प्रशिक्षण देने का कार्य यूपी एकेडमी करता है।इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉक्टर राजकुमार चौहान,एमडी उपेंद्र प्रताप प्रधान,विकास कुमार एडवोकेट उपस्थित रहे।


