एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/-वाराणसी में रसोइये ने चौथी के छात्र पर चावल का मांड फेंक दिया।इससे छात्र सत्य 20 प्रतिशत जल गया।हेडमास्टर के कहने पर शिक्षकों ने तुरंत बच्चे को ठंडे पानी से नहला दिया।छात्र अपने घर जाने के लिए बोलता रहा,लेकिन हेडमास्टर ने उसे घर नहीं जाने दिया।करीब एक घंटे बाद उसके घर भेजा।घर भेजने से पहले हेडमास्टर ने सत्यम को धमकी दी कि किसी से कुछ बताया तो डंडे से पीटूंगा लेकिन उसके पैर पर छाले पड़ गए थे।घर पहुंचा तो उसने अपनी मां सोना को पूरी बात बताई।इसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया।घटना कोटवा प्राथमिक विद्यालय की है।

अस्पताल में भर्ती छात्र सत्यम राजभर ने कहा मैं पानी पीने के गया था।पानी पीने के बाद मैं उधर से ही टॉयलेट की तरफ चला गया।इस दौरान रसोइया आंटी ने मुझे जाते हुए देखा था। वह बच्चों खाना बना रही थी।मैं टॉयलेट से लौट रहा था तभी उन्होंने मेरे ऊपर चावल का गर्म पानी फेंक दिया।मैंने चिल्लाना शुरू किया तो हेडमास्टर,टीचर और बाकी बच्चे भी आ गए। हेडमास्टर ने कहा कि इसके कपड़े उतार दो,देखो कहां जला है।हेडमास्टर के कहने पर टीचर ने कपड़े उतार दिए।इसके बाद मुझे ठंडे पानी से नहला दिया।मैं बार-बार घर जाने के लिए बोलता रहा,लेकिन मुझे घर नहीं जाने दिया।जलने के एक घंटे बाद तक मुझे स्कूल में ही रखा।सत्यम ने बताया कि आखरी में मैं मम्मी के पास जाने के लिए रोने लगा तो हेडमास्टर साहब ने ठीक है घर जाओ।लेकिन अगर किसी को कुछ बताया तो डंडे से मारेंगे।मैं डर गया और चुप हो गया।इसके बाद टीचर मुझे घर लेकर गए।सत्यम की मां सोना राजभर की आंखों में आंसू थे।सोना ने बताया मेरा बच्चा दोपहर 11 बजे जला और शिक्षक उसे लेकर दोपहर 12 बजे घर आए।यहां मुझे 500 रुपए देने लगे कि बच्चे का इलाज करवा लेना।हमारे पति गरीब रिक्शा चालक हैं।वो रात में आए तो उन्हें बताया फिर हम लोग बच्चे को लेकर जिला अस्पताल गए।वहां से हमें कबीरचौरा रेफर कर दिया गया।मां सोना राजभर ने कहा की हमारे बेटे ने जब रोना शुरू किया तो मास्टर साहब ने डंडे से मारने की धमकी दी।हमें कुछ नहीं चाहिए बस मेरे बच्चे का बेहतर इलाज हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।सोना ने बताया कि यहां मेरे बेटे को कोई देखने भी नहीं आया।बस एक मास्टर साहब आए थे,नंबर देकर गए हैं।इससे पहले पहलुकपुरा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-1 के बच्चे के दाल से जलने का मामला सामने आया था।


