एस के श्रीवास्तव विकास
वाराणसी/पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।तहसील राजा तालाब के अंतर्गत सेवपुरी ब्लॉक के ग्राम सभा खरगूपुर रतनपुर में हुई भीषण वर्षा से किसानों की खरीफ फसल,विशेषकर धान की उपज,बुरी तरह प्रभावित हुई है।अधिकांश किसानों ने कटाई के बाद अपनी फसल को सुखाने के लिए खेतों में रखा ही था कि अचानक भारी वर्षा ने सब कुछ जलमग्न कर दिया।किसानों का कहना है कि उनकी वर्षों की पूँजी और परिश्रम एक ही रात में समाप्त हो गया।कई परिवारों के सामने अब जीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार धान के बोझों को बाँधने और सुखाने के दौरान बारिश ने पूरे खेतों को जलाशय में बदल दिया।गाँव के अधिकांश किसानों का धान खेत में ही सड़ने की स्थिति में पहुँच गया है।

किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है।ऐसे कठिन समय में समाजसेवी और अधिवक्ता उपदेश मिश्रा “सन्नी”,जो कि माँ कालिका मंडल किसान मोर्चा के अध्यक्ष एवं राजमाता संस्कार सेवा आश्रम के संस्थापक हैं,स्वयं गाँव पहुँचे और किसानों से मुलाकात की।उन्होंने प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायज़ा लिया और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।उपदेश मिश्रा “सन्नी” ने मौके पर ही जिले के कृषि अधिकारी श्री संगम सिंह तथा तहसील राजातालाब के उप जिलाधिकारी महोदय से दूरभाष पर वार्ता की।उन्होंने किसानों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मुआवज़ा और राहत सहायता प्रदान करने की माँग की।उन्होंने कहा “किसान देश की आत्मा है।जब किसान दुखी होता है,तो पूरा समाज पीड़ा महसूस करता है।शासन-प्रशासन से निरंतर वार्ता जारी है और मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि प्रत्येक प्रभावित किसान को उचित मुआवज़ा प्राप्त हो।ग्राम सभा खरगुपुर की किसान पूनम देवी ने बताया कि “हमारे परिवार में पाँच सदस्य हैं,जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी हैं।

इस बार पहली बार धान की खेती की थी,मेहनत से बोआई और सिंचाई की।लेकिन कटाई के बाद जब फसल सुखाने रखी,तभी यह भारी बारिश हो गई।सारी फसल पानी में डूब गई।अब परिवार के सामने रोज़ी-रोटी की समस्या है।गाँव के अन्य किसानों ने भी बताया कि वे कर्ज लेकर खेती करते हैं,और इस बार की बारिश ने उनकी उम्मीदें पूरी तरह तोड़ दी हैं।ग्रामीणों ने कहा कि उपदेश मिश्रा “सन्नी” ऐसे समाजसेवी हैं जो हर आपदा के समय सबसे पहले पहुँचते हैं।वे सिर्फ़ आश्वासन नहीं देते,बल्कि प्रशासनिक स्तर पर तत्काल पहल करते हैं।गाँव के बुज़ुर्गों ने कहा कि उनकी सक्रियता से किसानों में एक नई उम्मीद जगी है।अंत में समाजसेवी अधिवक्ता उपदेश मिश्रा “सन्नी” ने कहा “सेवा ही संकल्प है।हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे,जब तक हर किसान के चेहरे पर मुस्कान वापस नहीं आती।यह हमारा धर्म और दायित्व दोनों है।


